होम / दुर्ग-भिलाई / विदेश से महादेव सट्टा नेटवर्क चल रहा है, तो केंद्र और राज्य सरकार संरक्षण देने की जवाबदारी से कैसे बच सकती हैं?- आर.एन.वर्मा
दुर्ग-भिलाई
दुर्ग। पूर्व अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर एवं पूर्व महापौर दुर्ग आर. एन. वर्मा ने महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में CBI द्वारा दुबई से लौटे आरोपी की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब विदेश की धरती से बैठकर भारत और छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के संचालन की जांच चल रही है, तो यह गंभीर सवाल है कि इतने बड़े नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाने की जवाबदारी आखिर किसकी है?आर. एन. वर्मा ने कहा कि वर्ष 2014 से केंद्र में भाजपा की सरकार है और वर्तमान में छत्तीसगढ़ में भी भाजपा की सरकार है। आज केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है और इसी सरकार के कार्यकाल में महादेव सट्टा कारोबार के आज भी बदस्तूर जारी रहने का सवाल सामने है, तो फिर इसकी जवाबदारी किसकी बनती है? क्या केंद्र और राज्य सरकार की इस अवैध सट्टा नेटवर्क को रोकने की जवाबदारी नहीं बनती? भाजपा नेताओं ने पूर्व में इस मामले को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। ऐसे में अब जनता यह जानना चाहती है कि जब सरकार उनकी है और कार्यकाल उनका है, तो महादेव सट्टा नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाने की जवाबदारी आखिर किसकी है?
उन्होंने कहा कि महादेव सट्टा मामले को केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। जांच एजेंसियों को निष्पक्ष जांच के माध्यम से नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक स्तर की भूमिका सामने लानी चाहिए तथा यदि किसी प्रकार का संरक्षण सामने आता है तो उसकी भी जवाबदारी तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, तो महादेव सट्टा नेटवर्क पर रोक लगाने और किसी भी प्रकार के संरक्षण की स्थिति में जवाबदारी भी सरकार की ही बनती है।
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