ब्रेकिंग

डॉक्टर के सूने मकान से एक करोड़ की चोरी का खुलासा, अंतरराज्यीय गिरोह के 9 सदस्य गिरफ्तार

47131102026124653whatsappimage2026-10-31at6.12.19pm.jpeg

-भिलाई से महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश तक पीछा कर दुर्ग पुलिस ने किया गिरोह का पर्दाफाश, 47.64 लाख नकद सहित करीब एक करोड़ की संपत्ति बरामद
-चोरी के आभूषण जमीन के नीचे गाड़कर छिपाए, ज्वेलर्स ने भट्टी में गलाकर बदला सोने का स्वरूप, चोरी की रकम से दिल्ली में खरीदी थी एक्सयूवी कार
-मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ फरार, तलाश में पुलिस की विशेष टीमें जुटीं
दुर्ग।
वैशाली नगर थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर के सूने मकान से करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और सोने-चांदी एवं डायमंड के कीमती आभूषणों की सनसनीखेज चोरी का दुर्ग पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस वारदात को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के नौ सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी कार और सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल सहित लगभग एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। मामले का मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी के आभूषणों को अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखा था। एक आरोपी ने सोने के आभूषण अपने घर के कमरे के फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर दबा दिए थे, जबकि चोरी के कुछ आभूषण भदोही के एक ज्वेलर्स को बेच दिए गए थे। ज्वेलर्स ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से सोने के आभूषणों को भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया था। पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर्स और आरोपियों को संरक्षण तथा परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने वाले सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है।
-एक सप्ताह सूना रहा डॉक्टर का मकान, चोरों ने बनाया निशाना
मामले के अनुसार, सुंदर नगर निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल 17 अक्टूबर 2026 को अपने परिवार के साथ मकान में ताला लगाकर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। 23 अक्टूबर की सुबह वापस लौटने पर घर के अंदर अलमारी में रखी नकदी और सोने-चांदी तथा डायमंड के कीमती आभूषण गायब मिले। अज्ञात चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाकर बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना वैशाली नगर में अपराध क्रमांक 389/2026, धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। घटना की गंभीरता और चोरी गई संपत्ति की कीमत को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) एवं नगर पुलिस अधीक्षक भिलाईनगर के नेतृत्व में थाना वैशाली नगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई।
-सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से राहुल बंसोड़ तक पहुंची पुलिस
पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्धों की गतिविधियों और क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक तत्वों की जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान वैशाली नगर क्षेत्र के राहुल बंसोड़ के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। घटना के आसपास उसे अपने साथियों के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते देखा गया था। वारदात के बाद से उसके फरार होने की जानकारी भी सामने आई।
पुलिस ने उसकी तलाश में गोंदिया और नागपुर में दबिश दी, लेकिन आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर गिरोह के सदस्यों की मौजूदगी उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर और भदोही क्षेत्र में मिलने पर विशेष टीम वहां रवाना की गई।
-गंगा नदी पार कर ठिकाने बदल रहा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रयागराज और मिर्जापुर के बीच लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस से बचने के लिए वह गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक नाव के माध्यम से आवागमन कर रहा था। स्थानीय पुलिस के सहयोग से अलग-अलग टीमें बनाकर घेराबंदी की गई। लगातार प्रयासों के बाद चोरी में शामिल प्रदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया गया।
शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन विस्तृत पूछताछ में उसने चोरी की वारदात में शामिल होना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर उसके हिस्से में आई नकदी और सोने के आभूषण घर के कमरे के फर्श के नीचे जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाए गए स्थान से बरामद किए गए।
-ज्वेलर्स ने भट्टी में गलाए चोरी के सोने के आभूषण
पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि उसने अपने हिस्से के सोने के आभूषण भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेचे थे। पुलिस ने ज्वेलर्स संचालक से पूछताछ की तो उसने चोरी के आभूषण खरीदने और कुछ आभूषणों को अपने घर में रखी भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदलने की बात स्वीकार की।
जांच में प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी सामने आई। उस पर चोरी के आभूषणों की बिक्री कराने, चोरी का माल खपाने और आरोपियों को सहयोग देने के एवज में लाखों रुपये प्राप्त करने का आरोप है। पुलिस चोरी के आभूषणों को गलाने और उनकी बिक्री के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
-चोरी की रकम से खरीदी एक्सयूवी, घर में कराया निर्माण
विवेचना में पता चला कि प्रदीप कुमार चौधरी ने चोरी की रकम का उपयोग अपने निजी लाभ के लिए किया। उसने अपने घर में बोरिंग खुदवाने, मकान की मरम्मत कराने और मोटर पंप लगवाने के साथ करीब एक लाख रुपये की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी थी।
वहीं मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ वारदात के बाद भिलाई से फरार होकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। वहां उसने चोरी की रकम से सेकंड हैंड एक्सयूवी कार क्रमांक DL-10-CN-1411 खरीदी और बाद में उसी वाहन से भिलाई लौट आया। पुलिस ने इस कार को भी बरामद कर लिया है।
-चोरी का माल लेने भिलाई पहुंचा राहुल, पुलिस की घेराबंदी देख भागा
पुलिस को जानकारी मिली कि राहुल बंसोड़ ने चोरी की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण अपने माता-पिता तथा भाई के पास छिपाकर रखे थे। चोरी का माल लेने के उद्देश्य से वह भिलाई आया था। पुलिस पहले से ही उसके निवास, रिश्तेदारों, परिचितों और दोस्तों की गतिविधियों पर निगरानी रख रही थी।
पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही राहुल अपनी एक्सयूवी कार सुपेला चौक के आसपास छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद उसने अपने भाई आयुष बंसोड़ और परिचितों को इनोवा वाहन की व्यवस्था कर चोरी का माल लेकर राजनांदगांव-नागपुर रोड की ओर आने के लिए कहा।
जांच में आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, इनोवा वाहन मालिक आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह की भूमिका सामने आई। आरोप है कि इन लोगों ने इनोवा वाहन क्रमांक CG-11-I-9909 की व्यवस्था कर चोरी की नकदी और आभूषणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की योजना बनाई थी। इसके एवज में आर्थिक लाभ प्राप्त करने की बात भी जांच में सामने आई।
-तड़के तीन बजे पुलिस ने की घेराबंदी, वाहनों से भाग रहे आरोपी पकड़े गए
पुलिस की अलग-अलग टीमों ने संभावित रास्तों पर रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की। इसी दौरान तड़के लगभग 3 बजे चोरी का माल लेकर निकल रहे आरोपियों और उनके सहयोगियों को अलग-अलग वाहनों से आगे और पीछे से घेरकर पकड़ लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से इनोवा वाहन, नकदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए।
जांच में राहुल के माता-पिता और भाई आयुष की भूमिका चोरी का माल छिपाकर रखने तथा चोरी की रकम का घरेलू खर्चों में उपयोग किए जाने के संबंध में सामने आई। वहीं रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह पर राहुल को पुलिस से बचाने, चोरी का माल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध कराने और फरार होने में सहयोग करने का आरोप है।
-करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद
दुर्ग पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल लगभग एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद एवं जब्त की है। इसमें 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने के छोटे-बड़े कंगन, चेन, लॉकेट और अन्य आभूषण, चांदी के आभूषण एवं चांदी के बिस्किट शामिल हैं।
इसके अलावा चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी कार और नई सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल तथा अपराध में प्रयुक्त इनोवा वाहन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने सोना-चांदी तौलने के दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक डीवीआर, डेल कंपनी का लैपटॉप, एक टैबलेट, पेटीएम मशीन, पावर बैंक, चोरी के पैसे से खरीदे गए सैमसंग और नथिंग कंपनी के दो मोबाइल तथा पांच अन्य मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
-गिरफ्तार नौ आरोपियों के नाम
पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
1. प्रदीप कुमार चौधरी (20), निवासी हरीरामपुर, चौकी कटरा, थाना कोइरौना, जिला भदोही (उत्तरप्रदेश), हाल वृंदा नगर, वैशाली नगर, भिलाई।
2. सुजीत सिंह (32), निवासी ग्राम नारायणपुर, थाना औराई, जिला मिर्जापुर (उत्तरप्रदेश)।
3. सोनू जायसवाल (37), निवासी राजपुरा, थाना सिटी कोतवाली, जिला भदोही (उत्तरप्रदेश), वैष्णवी ज्वेलर्स संचालक एवं चोरी के आभूषणों का खरीदार।
4. रविन्द्र बंसोड़ (49), निवासी चंदनपारा, बाबादीप सिंह नगर, वार्ड क्रमांक 25, थाना वैशाली नगर, भिलाई।
5. किरण बंसोड़ (48), निवासी चंदनपारा, बाबादीप सिंह नगर, वार्ड क्रमांक 25, थाना वैशाली नगर, भिलाई।
6. आयुष बंसोड़ (29), निवासी बाबादीप सिंह नगर, चंदन नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग।
7. रेखचंद्र देवांगन (26), निवासी बाबादीप सिंह नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग।
8. आकाश कुमार श्रीपाद (26), निवासी एलआईजी-68, हाउसिंग बोर्ड, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग।
9. अमन सिंह (25), निवासी वृंदा नगर, कैंप-01, मकान नंबर 53, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग।
मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी फरार है।* उसकी गिरफ्तारी के लिए दुर्ग पुलिस की विशेष टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
-दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से की सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि घर को लंबे समय तक सूना छोड़कर बाहर जाने से पहले संबंधित थाना अथवा बीट पुलिस को सूचना दें। घरों में मजबूत ताले, सीसीटीवी कैमरे और अलार्म सिस्टम लगवाएं। बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण घर में रखने से बचें तथा जरूरत पड़ने पर बैंक लॉकर का उपयोग करें।
घर के आसपास संदिग्ध व्यक्ति या अनजान वाहन दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। सीसीटीवी कैमरों को चालू रखें और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखें। चोरी का सामान कम कीमत पर खरीदने या बेचने वालों से सतर्क रहें। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर सूचना दें।
दुर्ग पुलिस का कहना है कि अपराधियों के साथ-साथ चोरी का माल खरीदने, छिपाने और खपाने में सहयोग करने वालों के विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले में फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और शेष संपत्ति की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Advertisement

ताज़ा समाचार

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

logo.webp

स्वामी / संपादक- पवन देवांगन

- बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल : dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

NEWS LETTER
Social Media

Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.