होम / दुर्ग-भिलाई / बैंक की 111वीं वार्षिक आमसभा प्रीतपाल बेलचंदन की अध्यक्षता में संपन्न
दुर्ग-भिलाई

दुर्ग। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग की 111वीं वार्षिक साधारण सभा सोमवार को स्वामी विवेकानंद सभागार, सांस्कृतिक भवन दुर्ग में बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। आमसभा में बैंक से संबद्ध सहकारी समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों एवं गैर कृषि साख सहकारी समितियों के बैंक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में बैंक की वित्तीय स्थिति, वार्षिक लेखा-जोखा, लाभांश भुगतान तथा समितियों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
आमसभा की कार्यवाही प्रारंभ करते हुए बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने बैंक का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक एवं नाबार्ड द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अंकेक्षण में ‘अ’ वर्ग प्राप्त किया है। उन्होंने बैंक की उपलब्धियों तथा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उपलब्ध कराई जा रही बैंकिंग एवं ऋण सुविधाओं की जानकारी भी दी।
बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.के. वर्मा ने आमसभा में बैंक का वार्षिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक ने 155.80 करोड़ रुपये का सकल लाभ अर्जित किया है। बैंक द्वारा सभी आवश्यक प्रावधान किए जाने के बाद 55.00 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया। आमसभा में बैंक की सदस्य समितियों को 12.74 करोड़ रुपये लाभांश के रूप में भुगतान किए जाने का निर्णय लिया गया। बैंक के वित्तीय पत्रकों एवं अन्य प्रस्तावों को उपस्थित प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की।
-समितियों के प्रतिनिधियों ने रखे विभिन्न सुझाव
आमसभा में विभिन्न सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने समितियों एवं किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया तथा बैंक एवं शासन स्तर पर निराकरण की मांग की। अहिवारा समिति के प्रतिनिधि पवन जैन ने निवेश ऋण पर ब्याज दर 12 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत करने, समितियों में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगाने, खाद गोदाम ऋण पर 50 प्रतिशत अनुदान देने तथा धान खरीदी से पूर्व त्रिपक्षीय अनुबंध कराने की मांग रखी।
दाउ ढाल सिंह साख समिति के योगेन्द्र दिल्लीवार ने निवेश ऋण की सीमा बढ़ाने, निवेश ऋण में समिति को ब्याज पर 2 प्रतिशत कमीशन देने तथा व्यापारिक गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने दैनिक वेतन कर्मचारियों को वर्ष 2024-25 का बोनस देने तथा 10 वर्ष से अधिक अवधि से कार्यरत दैनिक वेतन कर्मचारियों के नियमितीकरण अथवा वेतन वृद्धि के लिए प्रयास करने का सुझाव दिया।
देवरबीजा समिति के संजीव तिवारी ने प्रबंधकीय शुल्क 2.50 प्रतिशत से घटाकर 1.50 प्रतिशत करने, समितियों के कालातीत ऋणों की वसूली के लिए विशेष प्रयास करने तथा धान खरीदी का परिवहन समय पर कराने की मांग रखी।
अल्पसंख्यक समिति दुर्ग के रउफ कुरैशी ने क्रेडिट समितियों को रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराने तथा फिक्स्ड डिपॉजिट पर प्रचलित दर से एक प्रतिशत अधिक ब्याज देने की मांग रखी। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं सहकारिता मंत्री के अभिनंदन के लिए सहकारी सम्मेलन आयोजित करने का सुझाव भी दिया।
हल्दी समिति के हरदेव लाल सार्वा ने बीमा कमीशन की राशि समितियों को भी दिए जाने तथा केसीसी चेकबुक के पन्नों की संख्या 10 से बढ़ाकर 25 करने की मांग की। उन्होंने समिति कर्मचारियों को बैंक भर्ती में प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।
चेचानमेटा समिति के नथमल कोठारी ने गोदाम अनुदान की वह राशि, जो बैंक में जमा है, समितियों को उपलब्ध कराने, समितियों को धान सूखत का लाभ दिलाने तथा एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया अंतिम तिथि निर्धारित किए बिना निरंतर जारी रखने की मांग रखी। पीपरछेड़ी समिति के कृष्णा साहू ने एकमुश्त समझौता योजना लागू किए जाने की मांग की।
-धान परिवहन और किसानों से जुड़े मुद्दे भी उठे
घोठिया समिति के पूरण सिंह राजपूत ने धान का परिवहन निर्धारित समयावधि में कराने की मांग रखी। खुरसुनी समिति के पवन सोनबरसा ने बताया कि समिति में धान की तौल कर संग्रहण केंद्र भेजे जाने के बाद वहां धान की मात्रा में कमी आ जाती है। उन्होंने इस समस्या के समाधान की मांग की।
डौण्डी समिति के मणीकांत बघेल ने ब्याज अनुदान की राशि समय पर भुगतान करने की मांग की। बेलौदी समिति के नोहर साहू ने खाद समायोजन की राशि बैंक में तत्काल समायोजित किए जाने के बावजूद कृषकों को खाद विलंब से मिलने की समस्या उठाई और इसमें सुधार की मांग की।
भंडेरा समिति के विष्णु प्रसाद साहू ने धान खरीदी के लिए 21 क्विंटल प्रति एकड़ पंजीयन एवं उसके भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर अपनी बात रखी। ननकट्ठी समिति के प्रेमलाल नायक ने खाद पर कमीशन बढ़ाने, परिवहन भाड़े की समस्या का निराकरण करने तथा केसीसी गोपालन ऋण का नवीनीकरण शाखा स्तर पर किए जाने की मांग की।
जामगांव आर समिति के भागवत चंद्राकर ने एग्रीस्टेक में सहखातेदारों के पंजीयन को लेकर समस्या उठाई। उन्होंने पूछा कि यदि सहखातेदारों में से कोई एक सदस्य अनुपस्थित हो तो उसके पंजीयन के लिए क्या विकल्प है, इस संबंध में मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। जेवरा समिति के प्रबल सिंह ने अन्य व्यवसाय के तहत घरेलू गैस सिलेंडर व्यवसाय शुरू करने के लिए समिति को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
-बैंक स्तर की मांगों के त्वरित निराकरण का आश्वासन
आमसभा में उपस्थित प्रतिनिधियों ने अपनी समितियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों को विस्तार से रखा। बैंक प्रबंधन द्वारा प्रतिनिधियों की मांगों एवं सुझावों को गंभीरता से लेते हुए बैंक स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित निराकरण कराने तथा शासन स्तर से संबंधित मांगों एवं प्रस्तावों को शासन को प्रेषित करने की बात कही गई।
आमसभा में बैंक के उपाध्यक्ष नरेश यदु, उप पंजीयक दुर्ग सतीश पाटले, उप संचालक कृषि संदीप भोई, बैंक अधिकारी एस.के. निवसरकर, हृदेष शर्मा, कुसुम ठाकुर, के.के. नायक, ए.एस. खान, एस.पी. वाहने, धीरेन्द्र देवांगन, आर.के. मोहनमाला, चन्द्रशेखर मानिकपुरी, विष्णु देवांगन सहित 402 समितियों के प्राधिकृत अधिकारी एवं गैर कृषि साख सहकारी समितियों के बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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