- न्यायालयीन एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का लिया जायजा; डिजिटल न्यायिक पहलों की प्रगति से कराया गया अवगत

दुर्ग। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति तथा जिला न्यायालय दुर्ग के पोर्टफोलियो जज माननीय न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी द्वारा आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग का वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रजिस्ट्रार विजिलेंस अब्दुल जाहिद कुरैशी भी उपस्थित रहे।
माननीय पोर्टफोलियो न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी एवं रजिस्ट्रार विजिलेंस अब्दुल जाहिद कुरैशी के दुर्ग आगमन पर जिला न्यायालय परिसर में उनकी गरिमामयी अगवानी की गई। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर, कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्रीमती सुमन एक्का, कलेक्टर अभिजीत सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने माननीय न्यायमूर्ति का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय व आदरपूर्ण स्वागत किया।
माननीय न्यायमूर्ति द्वारा जिला न्यायालय के समस्त न्यायालयों, रिकॉर्ड रूम, प्रतिलिपि शाखा, स्थापना कार्यालय, नजारत तथा अन्य महत्वपूर्ण शाखाओं का निरीक्षण किया गया। इस दौरान न्यायालयीन एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं, अभिलेखों के संधारण तथा विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली का अवलोकन कर न्यायालय के सुचारु संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला न्यायालय के न्यायाधीशगण के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें न्यायालयीन कार्यशैली, न्यायिक प्रक्रिया एवं विभिन्न महत्वपूर्ण विधिक विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में न्यायाधीशगण द्वारा जिला न्यायालय में डिजिटल न्यायिक पहलों के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं उपलब्धियों से माननीय न्यायमूर्ति को अवगत कराया गया। विशेष रूप से न्यायश्रुति के माध्यम से ई-साक्ष्य, सीआईएस के माध्यम से ई-समंस तथा ई-टिकिट के संबंध में की जा रही कार्यवाहियों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
इसके अतिरिक्त, जिला न्यायालय परिसर में आने-जाने वाले नागरिकों की सुविधा एवं प्रवेश व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से डिजिटल गेट पास की सुविधा हेतु विकसित सॉफ्टवेयर के संबंध में तैयार की गई वीडियो भी माननीय न्यायमूर्ति को प्रदर्शित की गई। इस प्रस्तुति के माध्यम से न्यायालय परिसर में नागरिकों की आवाजाही के प्रबंधन हेतु अपनाए जा रहे तकनीकी प्रयासों की जानकारी साझा की गई।
माननीय न्यायमूर्ति ने अपने समृद्ध न्यायिक अनुभव एवं विधिक दृष्टिकोण के आधार पर न्यायाधीशगण का मार्गदर्शन किया। बैठक में न्यायिक कार्यों के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन, न्यायालयीन प्रक्रियाओं तथा तकनीकी साधनों के उपयोग से न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग के कार्यकारिणी सदस्यों तथा तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघ एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों द्वारा भी माननीय न्यायमूर्ति से सौजन्य भेंट की गई।
माननीय न्यायमूर्ति का वार्षिक निरीक्षण न्यायालयीन एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के अवलोकन, न्यायिक अधिकारियों के मार्गदर्शन तथा डिजिटल न्यायिक पहलों की प्रगति की समीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। निरीक्षण के दौरान न्यायालयीन कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। माननीय न्यायमूर्ति ने दुर्ग जिला न्यायालय की संपूर्ण व्यवस्थाओं, स्वच्छता और न्यायिक कामकाज की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया।
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सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
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