-भजनों पर झूमे श्रद्धालु, विशेष साज-सज्जा रही आकर्षण का केंद्र
.jpeg)
दुर्ग। कसारीडीह सिविल लाइन स्थित श्री साई बाबा मंदिर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से ओतप्रोत भजनों की गूंज सुनाई देती रही। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए अपनी आस्था और भक्ति प्रकट करते नजर आए।
जन्माष्टमी पर्व का मुख्य आकर्षण मध्यरात्रि में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव रहा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के पावन क्षण का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में डटे रहे। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत करते हुए पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
जन्माष्टमी को लेकर श्री साई बाबा मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था। आकर्षक साज-सज्जा, रोशनी और धार्मिक वातावरण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर समिति द्वारा पूरे आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन एवं पूजा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजन में मंदिर समिति के अध्यक्ष धनेन्द्र कांत चंदेल, सचिव धीरेन्द्र शर्मा, कोषाध्यक्ष रामेंद्र वंजारी, उपाध्यक्ष मुरलीधर राऊत, संतोष यदु, सह सचिव संतोष खिरोड़कर, प्रचार सचिव अजय सुरपाम, नारायणदत्त तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य रमेश शर्मा, रविंद्र भटनागर, रोमनाथ साहू, कौशल किशोर सिंह, रमेश दीक्षित, सत्येंद्र सिंह राजपूत, गणेश निर्मलकर, रवि भट्ट, राकेश सेन, प्रहलाद रूंगटा, विनय चंद्राकर, दशरथ साहू, प्रकाश शिवणकर सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई और व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.