दुर्ग-भिलाई

1 जुलाई से मनरेगा की जगह लागू होगी वीबी जीरामजी योजना

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-ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 1 जुलाई से शुरू होगी वीबी जीरामजी योजना, जल संरक्षण कार्य 10 जून तक पूर्ण करने के निर्देश
दुर्ग।
केंद्र सरकार ने ग्रामीण विकास एवं रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025” को 1 जुलाई 2026 से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू करने की घोषणा की है। नई व्यवस्था लागू होते ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह वीबी जीरामजी योजना प्रभावी हो जाएगी। नई योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को केवल मजदूरी आधारित रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी विकास एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। इसके तहत जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्धन, जलवायु अनुकूल कार्य तथा स्थानीय संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नई व्यवस्था में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी, जो पहले 100 दिनों तक सीमित थी। रोजगार के लिए आवेदन ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा तथा 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में रोजगार नहीं मिलने पर पात्र परिवारों को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी किया गया है। मजदूरी भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राशि सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। भुगतान में 15 दिनों से अधिक देरी होने पर श्रमिकों को क्षतिपूर्ति राशि भी प्रदान की जाएगी।
योजना के तहत जल संरक्षण संरचनाएं, आंगनबाड़ी भवन, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से जुड़े कार्य, कौशल विकास केंद्र, बाढ़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन तथा अन्य ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम पंचायतों की भूमिका को मजबूत करते हुए विकसित ग्राम पंचायत योजना के जरिए ग्राम सभाओं की भागीदारी से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्य तय किए जाएंगे। योजना को पीएम गतिशक्ति एवं जीआईएस आधारित डिजिटल प्रणाली से भी जोड़ा जाएगा।
 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत जिले में 1 जुलाई 2026 से मनरेगा के स्थान पर वीबी जीरामजी योजना लागू किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। भारत के राजपत्र में प्रकाशन के बाद नई व्यवस्था के तहत कार्यों की स्वीकृति 1 जुलाई से प्रारंभ होगी। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बजरंग कुमार दुबे द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिन्हें दुर्ग जिले के जनपद पंचायतों तक पहुंचा दिया गया है।
जारी निर्देशों के अनुसार मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत सभी कार्यों को 15 जून 2026 तक पूर्ण करना अनिवार्य होगा। केवल पौधारोपण एवं नर्सरी संधारण कार्यों को जुलाई माह तक जारी रखने की अनुमति दी गई है। नवा तरिया, डबरी एवं अन्य जल संरक्षण कार्यों को वर्षा ऋतु से पूर्व 10 जून तक पूर्ण करने तथा उनका अंतिम मापन एवं सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अब केवल ग्राम सभा से अनुमोदित एवं नई योजना के अनुमेय कार्यों को ही स्वीकृति मिलेगी। हितग्राहियों को निर्धारित 100 दिनों का अकुशल श्रम रोजगार समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने तथा प्रगतिरत कार्यों में अतिरिक्त श्रमिक लगाकर उन्हें एक माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी  ग्राम पंचायत, जनपद एवं जिला स्तर पर परीक्षण कर 15 जून तक आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करनी होगी।

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