.jpeg)
दुर्ग। दुख की घड़ी में भी मानवता और सामाजिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दुर्ग के पद्मनाभपुर निवासी प्रतिष्ठित घीसूलाल मदनलाल बाकलीवाल परिवार ने अनुकरणीय पहल की है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल के पिता श्री जितेंद्र बाकलीवाल के निधन के पश्चात परिवार ने नेत्रदान का निर्णय लेकर समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। परिवार के इस पुनीत निर्णय से दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी आने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
श्री जितेंद्र बाकलीवाल के निधन के बाद उनकी पत्नी श्रीमती निर्मला बाकलीवाल, पुत्र संजय, नीरज एवं धीरज बाकलीवाल, पुत्रवधुएं श्रीमती श्वेता, मोनिका एवं अंजू बाकलीवाल तथा पुत्री शोभा पाटनी एवं दामाद राजेंद्र पाटनी ने नेत्रदान के लिए सहमति प्रदान की। इसके साथ ही उनके भाई नरेंद्र बाकलीवाल, रमेश बाकलीवाल, कन्हैया बाकलीवाल एवं अशोक बाकलीवाल सहित भतीजों कैलाश, महेंद्र, सुभाष, प्रदीप, दिलीप, जय, डॉ. मनीष, रवि, अनुप (अप्पू), डॉ. रोहित, मोहित, अंकित एवं राहुल ने भी इस निर्णय में सहभागिता निभाई।
परिवार ने अपने इस निर्णय से यह संदेश दिया कि मृत्यु के बाद भी नेत्रदान के माध्यम से किसी के जीवन में उजाला लाया जा सकता है। अपनों को खोने के गहरे दुख के बीच लिया गया यह फैसला न केवल मानवीय संवेदना का परिचायक है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी नेत्रदान के प्रति जागरूक और प्रेरित करने वाला है।
नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में नवदृष्टि फाउंडेशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था की ओर से कुलवंत भाटिया, रितेश जैन, जितेंद्र हासवानी, मुकेश राठी, सपन जैन एवं चेतन जैन मौके पर उपस्थित रहे और आवश्यक समन्वय किया। वहीं श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ टीम से डॉ. नीलांजना टोप्पो एवं नेत्र सहायक विवेक कसार ने बाकलीवाल निवास पहुंचकर कॉर्निया का संकलन किया। बाकलीवाल परिवार की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि परोपकार और मानवता की भावना व्यक्ति के जाने के बाद भी जीवित रहती है। नेत्रदान के इस पुनीत कार्य से दो जरूरतमंद व्यक्तियों के जीवन में रोशनी की नई उम्मीद जगेगी।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.