होम / दुर्ग-भिलाई / चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ का कांडी क्षेत्र में असर, बारिश और तेज हवा से खेतों में गिरी धान की फसल
दुर्ग-भिलाई
-पककर तैयार फसल को नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता; आर्थिक नुकसान की आशंका

अंडा ( संजय साहू )। चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ का असर अंडा क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी देखने को मिल रहा है। बुधवार रात से हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल कई स्थानों पर जमीन पर गिर गई है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
जानकारी के अनुसार, कांडी प्रखंड के विभिन्न गांवों में किसान धान की कटाई की तैयारी कर रहे थे। कई किसानों की फसल पूरी तरह पककर तैयार हो चुकी थी और कटाई का इंतजार था। इसी बीच चक्रवाती तूफान के प्रभाव से हुई बारिश और तेज हवा ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। खेतों में धान की फसल गिरने से अब कटाई में अधिक मेहनत और समय लगने की संभावना है। वहीं, गिरी हुई फसल के कारण धान की गुणवत्ता और उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
-प्राकृतिक आपदाओं से लगातार जूझ रहे किसान
कांडी प्रखंड के किसान पहले से ही मौसम की अनिश्चितता और प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे हैं। कभी बाढ़, कभी सूखा तो कभी बेमौसम बारिश किसानों की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर देती है। खेती के लिए किसान कर्ज लेकर बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था करते हैं। इसके बाद दिन-रात मेहनत कर फसल तैयार करते हैं।
ऐसे में जब फसल पककर कटाई के लिए तैयार होती है, तब प्राकृतिक आपदा से उसे नुकसान पहुंचना किसानों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। पहले से ही खेती की लागत और आर्थिक दबाव से जूझ रहे किसानों की परेशानी अब और बढ़ गई है। किसानों को आशंका है कि यदि मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो धान की उपज और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
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