होम / दुर्ग-भिलाई / शासकीय महाविद्यालय निकुम में रक्तदान शिविर, 21 यूनिट रक्त संग्रहित
दुर्ग-भिलाई
-शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक किया रक्तदान, जिला चिकित्सालय दुर्ग के ब्लड बैंक को मिला रक्त

निकुम, दुर्ग। स्व. पुकेश्वर सिंह भारदीय शासकीय महाविद्यालय निकुम, जिला दुर्ग में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। इस दौरान कुल 21 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जिसे जिला चिकित्सालय दुर्ग के ब्लड बैंक को उपलब्ध कराया गया।
यह रक्तदान शिविर जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी तथा जिला चिकित्सालय दुर्ग के सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशीष कुमार मिंज के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना था।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.के. बैलेन्द्र के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में डॉ. सीमा जायसवाल, श्रीमती पूजा अग्रवाल, रेडक्रॉस प्रभारी श्रीमती अंजू रानी ठाकुर, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) कार्यक्रम अधिकारी वेदप्रकाश ठाकुर, श्रीमती अन्नपूर्णा यादव, डॉ. ओ.पी. चंद्रा, डॉ. शिप्पी देवांगन, जीवंतिका ठाकुर, ओम प्रकाश, कामता प्रसाद बंजारे, माया सुधाकर, प्रियंका निषाद, उमेश कुमार, अमित कुमार, करुणा गजभिए, सुश्री टामिन एवं येवेन्द्र कुमार सहित अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शिविर में जिला चिकित्सालय दुर्ग के ब्लड बैंक नोडल अधिकारी डॉ. संत राम चुरेंद्र, चिकित्सालय अधिकारी डॉ. लियामन चौधरी, बीएमओ डॉ. डी.के. बेलचंदन, बीपीएम राजेन्द्र वर्मा, काउंसलर टी.एस. एथोनी, समाजसेवी हिमांशु चंद्राकर, स्टाफ नर्स तरुणा रावत, सीनियर लैब टेक्नीशियन सूरज कुर्रे, सुनील निषाद, माया तिवारी, रानू साहू एवं हुसैन खान सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने रक्तदाताओं के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें साधुवाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
-रक्तदान से बचाई जा सकती हैं कई जिंदगियां
शिविर के दौरान रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि रक्तदान मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। रक्त की आवश्यकता दुर्घटना, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में पड़ती है। समय पर रक्त उपलब्ध होने से जरूरतमंद मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
रक्त के विभिन्न घटकों, जैसे प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और पीआरबीसी (पैक्ड रेड ब्लड सेल्स), को अलग-अलग करके आवश्यकता के अनुसार मरीजों के उपचार में उपयोग किया जाता है। इससे एक यूनिट रक्त के विभिन्न घटकों के माध्यम से एक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सकता है।
महाविद्यालय में आयोजित इस शिविर ने विद्यार्थियों एवं युवाओं को समाजसेवा के प्रति प्रेरित करने के साथ रक्तदान के महत्व का संदेश भी दिया। रक्तदाताओं के इस योगदान से जरूरतमंद मरीजों के उपचार में सहायता मिलेगी।
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