होम / दुर्ग-भिलाई / आत्मिक शक्ति से रक्तदान तक... रक्तवीरों ने जगाई मानवता की उम्मीद
दुर्ग-भिलाई
-जिला चिकित्सालय दुर्ग में ब्रह्माकुमारीज के रक्तदान महाअभियान में 202 यूनिट रक्तदान

दुर्ग। किसी के जीवन में रक्त की एक बूंद आशा बनकर उतर सकती है और किसी परिवार की बुझती उम्मीद को फिर से रोशन कर सकती है। इसी मानवीय संवेदना को आत्मिक शक्ति, सकारात्मक चिंतन और राजयोग मेडिटेशन से जोड़ते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के समाजसेवा प्रभाग द्वारा जिला चिकित्सालय दुर्ग में रक्तदान महाअभियान आयोजित किया गया। संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्य स्मृति एवं विश्व बंधुत्व दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस शिविर में रक्तवीरों ने उत्साहपूर्वक 202 यूनिट रक्तदान किया।
अभियान का संदेश “मानवता का करें कल्याण, आओ मिलकर करें रक्तदान” रहा। शिविर में रक्तदान के साथ आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिला। रक्तदान के लिए पहुंचे लोगों को पहले सकारात्मक एवं शक्तिशाली चिंतन कराया गया। रक्तदाताओं ने संकल्प लिया कि “मैं शक्तिशाली आत्मा हूं, मेरे द्वारा किया गया यह रक्तदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन देगा।” इसके बाद लगभग तीन मिनट परमात्मा का स्मरण एवं राजयोग मेडिटेशन कराया गया, जिससे रक्तदाता स्वयं को आत्मिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से भरकर रक्तदान के लिए आगे आए।
इस आध्यात्मिक प्रक्रिया को रक्तदाताओं ने विशेष अनुभव बताया। अनेक रक्तदाताओं ने कहा कि उन्होंने पहले भी रक्तदान किया है, लेकिन रक्तदान से पूर्व परमात्मा का स्मरण, राजयोग मेडिटेशन और सकारात्मक चिंतन से जो शांति, आत्मिक शक्ति एवं आंतरिक खुशी महसूस हुई, वह उनके लिए बिल्कुल नया और अविस्मरणीय अनुभव रहा।

-रक्त का कोई विकल्प नहीं, रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा : विजय अग्रवाल
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसएसपी दुर्ग विजय अग्रवाल ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है। रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। उन्होंने आध्यात्मिक सशक्तिकरण के साथ ब्रह्माकुमारीज द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए संस्था एवं सभी रक्तदाताओं को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ एसएसपी दुर्ग विजय अग्रवाल, ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रूपाली दीदी, प्रमोद वाघ (रेडक्रॉस ब्लड बैंक उपसमिति प्रभारी), एसआर चुरेन्द्र (नोडल अधिकारी, ब्लड बैंक दुर्ग), टीएस एंथोनी (परामर्शदाता, ब्लड बैंक दुर्ग) एवं स्नेहा मित्तल (ज्वाइंट सेक्रेटरी, इनरव्हील क्लब) सहित उपस्थित अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों ने दादी प्रकाशमणि जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके सेवाभाव का सम्मान किया गया। शिविर में रक्तदाताओं के लिए विशेष सेल्फी जोन भी बनाया गया था, जहां रक्तवीरों ने अपनी प्रेरणादायी सेवा की यादों को तस्वीरों में संजोया।

-रक्तदान के साथ मिली ‘ईश्वरीय सौगात’
शिविर की विशेषता यह भी रही कि रक्तदान के बाद प्रत्येक रक्तदाता को सेवाकेंद्र की ओर से परमात्मा का पत्र, ब्लेसिंग कार्ड, ईश्वरीय सौगात एवं प्रसाद स्वरूप फलाहार भेंट किया गया। इससे रक्तदाताओं में सेवा के प्रति उत्साह और आध्यात्मिक भाव और अधिक मजबूत हुआ।
आयोजन में डॉ. आशीष कुमार मिंज (सिविल सर्जन) एवं डॉ. मनोज दानी (सीएमएचओ दुर्ग) का विशेष सहयोग रहा। चिकित्सा दल एवं सहयोगी सदस्यों ने भी रक्तदान महाअभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी ने कहा कि रक्तदान केवल रक्त देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में आशा का दीप जलाने का माध्यम है। उन्होंने इस मानवतापूर्ण सेवा में सहभागी बने सभी अतिथियों, रक्तवीरों, चिकित्सा दल एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रूपाली दीदी ने किया। 202 यूनिट रक्तदान के साथ यह आयोजन केवल एक रक्तदान शिविर न रहकर आत्मिक शक्ति, सकारात्मक चिंतन और मानवता के प्रति संवेदना का प्रेरणादायी संगम बन गया। शिविर ने यह संदेश दिया कि जब सेवा के साथ भावना और आत्मिक शक्ति जुड़ जाती है, तो छोटी-सी पहल भी किसी के जीवन में नई सुबह ला सकती है।
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