दुर्ग-भिलाई

एआई के ज्योतिष पर प्रभाव को लेकर मंथन किया देश भर के विशेषज्ञों ने 

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-ज्योतिष एवं एआई राष्ट्रीय सेमिनार में जुटे लोग,विश्वविद्यालय स्तर पर ज्योतिष और संस्कृत के नियमित पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा

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भिलाई। ज्योतिष विज्ञान शोध संस्थान, छत्तीसगढ़ की ओर से भिलाई निवास स्थित कॉफी हाउस में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार सह तकनीकी वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर के 65 से अधिक प्रबुद्ध ज्योतिषाचार्यों ने हिस्सा लिया। सेमिनार के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रख्यात शिक्षाविद् और  श्री शंकराचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन आई. पी. मिश्रा ने कहा कि हमारे रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता, वेदों और उपनिषदों में जो ज्ञान का सार दिया गया है, वही हमारी असली ताकत है। मनुष्य की मेधा (बुद्धिमत्ता) और उसकी अंतर्दृष्टि को दुनिया की कोई भी मशीन या एआई कभी भी चुनौती नहीं दे सकता। उन्होंने इस दौरान श्री मिश्रा घोषणा की कि श्री शंकराचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में विश्वविद्यालय स्तर पर ज्योतिष और संस्कृत के नियमित कोर्स की शुरुआत की जाएगी। 
अध्यक्षता कर रहे सेफी एवं भिलाई स्टील प्लांट ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एन. के. बंछोर ने कहा कि तकनीक जब हमारे नियंत्रण में रहेगी, तो वह ज्योतिष विज्ञान को और अधिक समृद्ध करेगी। समापन सत्र में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप, शिक्षाविद् प्रवीण तिवारी तथा उद्योगपति वीरेंद्र शुक्ला ने भी अपने विचार रखे। 
संस्थान के मार्गदर्शक उमेश चितलांगिया ने वैदिक संस्कृत श्लोकों के माध्यम से पूरे एआई और ज्योतिष की आंतरिक संरचना व उनके अंतर्संबंधों को वैज्ञानिक ढंग से समझाया। तकनीकी सत्र के मुख्य विषय विशेषज्ञ उदय रेड्डी ने पारंपरिक ज्योतिषियों को आधुनिक युग में स्थापित होने के डिजिटल मंत्र दिए। 
वर्कशॉप के एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र में संस्थान के महासचिव  कार्यक्रम के सूत्रधार व मंच संचालक नंदलाल चौधरी ने लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से एआई द्वारा एक जीवंत कुंडली का विश्लेषण करने का तरीका सिखाया। अरुण सावने ने कहा कि ज्योतिषाचार्य एआई का उपयोग सिर्फ किसी एक विधा तक सीमित न रखें। ज्योतिष विज्ञान शोध संस्थान के अध्यक्ष बी. एम. बाली ने विपरीत स्वास्थ्य के बावजूद आयोजन में भागीदारी दी। उन्होंने एआई के प्रभावी उपयोग पर सारगर्भित प्रस्तुति दी। 
सम्मेलन में अंतरराज्यीय अतिथियों हैदराबाद तेलंगाना के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्यनारायण शर्मा, बालाघाट मध्य प्रदेश के महेश खजाँची, आर. सी. शर्मा, चिरंजीवी जैन और दादाराव बोरोडे ने विस्तार से ज्योतिष व एआई के सावधानी से उपयोग पर विस्तार से विचार जानकारी दी। आयोजन में वरिष्ठ एस्ट्रोलॉजर आशा वर्मा, चमेली सिन्हा, श्रीमती गुप्ता, प्रतिभा, पी. विश्वेश्वर, श्री देवांगन और श्री ताम्रकार सहित अन्य उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र में प्रख्यात विद्वान ज्योतिषाचार्य पी. विश्वेश्वर ने और समापन सत्र में संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष व वरिष्ठ ज्योतिष आचार्य पी. डी. स्वर्णकार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

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