दुर्ग-भिलाई

कथक का इतिहास जीवंत हुआ मंच पर, मंदिर काल से आज के फ्यूजन तक को दिखाया कलाकारों ने

36927042026111810whatsappimage2026-04-27at4.45.11pm.jpeg

-कृष्णप्रिया कथक केंद्र की नृत्य-नाटिका “आहार्यम“ का मंचन कला मंदिर में, पांडेय और रिकेश ने भी की सराहना

Image after paragraph

भिलाई। बीती शाम कला मंदिर सिविक सेंटर के मंच पर नृत्य-नाटिका “आहार्यम“ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कृष्णप्रिय कथक केंद्र की इस शानदार प्रस्तुति का निर्देशन एवं संयोजन  उपासना तिवारी ने किया था। इस नृत्य-नाटिका में भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक की यात्रा को उसके विभिन्न ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चरणों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। नन्ही मुन्नी बेटियों से लेकर वरिष्ठ कलाकारों तक ने मिलकर मंच पर ऐसा समां बांधा कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय और वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने भी दर्शकों के साथ बैठकर इस नृत्य नाटिका को देखा और पूरी टीम की सराहना की। 
कार्यक्रम की शुरुआत कथक के मंदिर काल से हुई, जिसमें भक्ति और सादगीपूर्ण आहार्य (वेशभूषा) को दर्शाया गया। इसके पश्चात रास लीला के माध्यम से राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाओं को सजीव किया गया। आगे चलकर प्रस्तुति में सूफी प्रभाव को दर्शाया गया, जिसमें प्रेम, एकता और आध्यात्मिकता का संदेश नृत्य के माध्यम से व्यक्त किया गया। मुगल काल के अंतर्गत दरबारी कथक की नज़ाकत, अदा और शाही भव्यता को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया, वहीं खयाल और तराना के माध्यम से भाव और लय के कोमल संगम को दिखाया गया।

Image after paragraph

कार्यक्रम में जयपुर घराना की शक्ति, लयकारी और आध्यात्मिकता का भी सशक्त प्रदर्शन किया गया। इसके बाद ब्रिटिश काल के कठिन दौर को दर्शाते हुए कोठे की परंपरा की नफ़ासत और तहज़ीब को मंच पर जीवंत किया गया। कार्यक्रम का समापन समकालीन (फ्यूजन) कथक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें पारंपरिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक अभिव्यक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। इस प्रस्तुति की विशेषता यह रही कि इसमें “आहार्यम” अर्थात वेशभूषा और आभूषण को केंद्र में रखते हुए प्रत्येक कालखंड की सांस्कृतिक पहचान को नृत्य और रैम्प प्रस्तुति के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। कृष्ण प्रिया कथक केंद्र के 31 में वर्ष पर इस शानदार प्रस्तुति पूरी टीम का विशिष्ट योगदान रहा। इनमें संगीत संयोजन रविंद्र कर्मकार,  संगीत वीके सुंदरेश, मिक्सिंग बिन्नी पॉल, गायक कलाकारों में रवीश कालगांवकर और सुमेधा फड़के, संचालन डॉक्टर दिव्या राहटगांवकर,  इनके अलावा सेजल चौधरी, देविका दीक्षित, अवनी अग्रवाल, कनक मानकर, नीलिमा वासनिक, शानवी अग्रवाल, शुभि जैन, सोनिया चौहान और सेजल चौधरी सहित अन्य का योगदान रहा।

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

logo.webp

स्वामी / संपादक- पवन देवांगन

- बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल : dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

NEWS LETTER
Social Media

Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.