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भिलाई से जुड़े शिक्षकों के साथ हिंदी यूएसए सेंट लुईस ने जीवंत किया भारतीयता को

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-अमेरिका में भारतीय संस्कृति की मिसाल, हिंदी-यूएसए सेंट लुईस ने मनाया चौथा वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम

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भिलाई। विदेश में रहते हुए अपनी भाषा और संस्कृति को संजोकर रखना आसान नहीं होता, लेकिन हिंदी-यूएसए सेंट लुईस इस दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। मिडवेस्ट अमेरिका का सबसे बड़ा मान्यता प्राप्त गैर-लाभकारी हिंदी शिक्षण संस्थान, हिंदीयूएसए हर साल बच्चों के लिए भाषा और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता है, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।
खास बात यह है कि इस संस्था से भिलाई (छत्तीसगढ़) का भी गहरा जुड़ाव है। हिंदीयूएसए में वर्तमान में 34 समर्पित शिक्षक स्वयंसेवक हैं, जिनमें से मयंक जैन, डॉ. अंशु जैन, सपना मंधानी और कविता मुलिंती भिलाई से जुड़े हैं। इनमें मयंक जैन और डॉ. अंशु जैन नेतृत्व टीम का हिस्सा हैं, जबकि सपना और कविता हिंदी स्कूल में शिक्षिका के रूप में बच्चों को भाषा और संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रही हैं।

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इसी कड़ी में इस वर्ष हिन्दी यूएसए सेंट लुईस ने अपना चौथा वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया, जिसमें 500 से अधिक लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में 5 से 16 वर्ष के 170 से अधिक बच्चों ने भाग लेते हुए कुल 17 शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर संस्था ने अपने शिक्षकों, स्वयंसेवकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का दिल से आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की थीम “स्वतंत्रता के बाद भारत की उपलब्धियाँ”रखी गई थी। बच्चों ने अपने प्रदर्शन के जरिए हरित एवं श्वेत क्रांति, शिक्षा में प्रगति, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, इसरो, भारतीय सेना, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, योग, खेल, स्वच्छ भारत अभियान और सोशल मीडिया जैसे विषयों को बेहद खूबसूरती से मंच पर उतारा। कार्यक्रम का समापन शिक्षकों के ऊर्जावान नृत्य के साथ हुआ।

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कार्यक्रम की शुरुआत में मयंक जैन ने हिंदी यूएसए की यात्रा, चुनौतियों और संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि पार्क वे के साथ अब रॉकवुड स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने भी हिंदी यूएसए के छात्रों को विदेशी भाषा के क्रेडिट देने की मंजूरी दे दी है, जो प्रवासी भारतीय समुदाय के लिए गर्व की बात है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एम. एस. चौहान (भारतीय वाणिज्य दूतावास, शिकागो) और डॉ. केविन बेकनर (पार्कवे स्कूल डिस्ट्रिक्ट) उपस्थित रहे। वहीं मेरिल हैंसन और गैरी बुडूर जैसे निर्वाचित प्रतिनिधियों ने भी बच्चों के प्रदर्शन और हिंदी यूएसए समुदाय के स्वयंसेवी प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान हिंदी यूएसए ने फरवरी 2026 में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की इंटर-स्कूल हिंदी कविता प्रतियोगिता के 14 विजेता छात्रों को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. अंशु जैन और उनकी टीम ने संभाला, जबकि संचालन डॉ. अंशु जैन, निधि चौधरी, सुची खंडेलवाल और वंदना ने प्रभावशाली तरीके से किया। 

35 से अधिक शिक्षक स्वयंसेवकों और 40 से अधिक अभिभावक समन्वयकों के सहयोग से पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। समूचे आयोजन का माहौल लघु भारत की झलक पेश कर रहा था। अभिभावकों और आगंतुकों ने भारतीय खाने के स्टॉल, ज्वेलरी और कपड़ों के स्टॉल, और हिंदी यूएसए के बुक स्टॉल का खूब आनंद लिया। यहां भारतीय मेले जैसा अनुभव, अपने देश की संस्कृति, स्वाद और अपनापन सब कुछ एक साथ देखने को मिला।

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