बिलासपुर। भारतीय भक्ति संगीत जगत के ख्यातिप्राप्त गायक पद्मश्री भारती बंधु ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार कला और कलाकारों के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के संस्कृति विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सव कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं, जिससे लोक कला एवं परंपराओं को नई ऊर्जा मिल रही है। पद्मश्री भारती बंधु जिला प्रशासन के आमंत्रण पर मल्हार महोत्सव में अपनी प्रस्तुति देने बिलासपुर पहुंचे थे।
पद्मश्री भारती बंधु ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कला और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार के लिए सार्थक पहल की जा रही है। इन प्रयासों के कारण प्रदेश के कलाकारों में उत्साह का वातावरण बना है और युवा पीढ़ी भी पारंपरिक कला विधाओं और संस्कृति से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रही है। छत्तीसगढ़ भवन में चर्चा के दौरान उन्होंने मल्हार महोत्सव के पुनः भव्य और जीवंत स्वरूप में आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि स्थानीय संस्कृति को भी व्यापक पहचान मिलती है। उन्होंने इस गरिमामयी आयोजन के लिए मुख्यमंत्री और आमंत्रण के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। भजन गायकी की अपनी विशिष्ट और पारंपरिक शैली पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वे इस विधा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनके द्वारा अब तक 10,000 से अधिक युवाओं को भजन गायन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जो इस परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रख्यात भजन गायक भारती बंधु को भारत सरकार द्वारा चौथे सर्वाेच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। भारती बंधु ने देश-विदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का मान बढ़ाया है। उनकी प्रस्तुतियां न केवल आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती हैं, बल्कि श्रोताओं के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का भी संचार करती हैं। पद्मश्री भारती बंधु ने यह भी बताया कि उन्होंने देशभर की अनेक जेलों में बंदियों के समक्ष भजन प्रस्तुतियां दी हैं, और छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में बंदियों के लिए कार्यक्रम किए हैं, जिनका प्रभाव बंदियों पर बेहद सकारात्मक रहा है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बंदियों के जीवन में आत्मचिंतन, सुधार और नई दिशा की चेतना उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने, संस्कारों को सहेजने और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है, और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में इसके संरक्षण हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयास सराहनीय है।
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