महा जन सुनवाई में दुर्ग संभाग के सभी जिलों से महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, संरक्षण अधिकारी, सखी केन्द्र प्रशासिका, विधिक प्राधिकरण एवं पुलिस प्रशासन का रहा सहयोग
-आयोग की समझाईश पर अनावेदक 12 लाख रूपये बैंक कर्ज पटाने हुआ तैयार
-अनावेदक शिक्षक ने अपनी पत्नी शिक्षिका से आयोग सुनवाई के दौरान सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा कि उन्हें दोबारा छेड़छाड़ या परेशान नहीं करेंगे
दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, सदस्य श्रीमती दीपिका सोरी, सदस्य सरला कोसरिया द्वारा राज्य की महिलाओं को त्वरित राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक वृहद और संवेदनशील निर्णय लिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोग द्वारा आगामी 11 मार्च 2026 को दुर्ग संभाग के लिए महाजन-सुनवाई सप्ताह का आयोजन प्रेरणा सभा कक्ष, बालगृह परिसर पांच बिल्डिंग महिला एवं बाल विकास कार्यालय जिला-दुर्ग (छ.ग.) में किया जा रहा है। आज दुर्ग संभाग में 01 महाजन-सुनवाई व प्रदेश स्तर पर 384 वी एवं जिला स्तर पर 15 वी सुनवाई हुई। जिसमे दुर्ग संभाग के अंतर्गत आने वाले जिले दुर्ग/बालोद/बेमेतरा/कबीरधाम/मोहला-मानपुर-अंचौकी/खैरागढ़-छुईखदान-गंडई/राजनांदगांव (छ.ग.) के कुल 113 प्रकरणों की एक साथ सुनवाई की गई।
इस महा जन-सुनवाई में दुर्ग संभाग के जिला दुर्ग प्रस्तुत 62 प्रकरण में से 30 नस्तीबद्ध, जिला बालोद के 04 प्रकरण में से 01 नस्तीबद्ध, जिला बेमेतरा के 17 प्रकरण में से 04 नस्तीबद्ध, जिला कबीरधाम 04 प्रकरण में से 01 नस्तीबद्ध, जिला राजनांदगांव 14 प्रकरण में से 04 नस्तीबद्ध एवं जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ चौकी 07 प्रकरण में से 01 नस्तीबद्ध तथा जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडाई 05 प्रकरण में से 0 नस्तीबध्द किया गया। कुल 113 प्रकरण में से 41 प्रकरण नस्तीबद्ध किये गये। दोनो पक्षों के कुल 155 पक्षकारों ने पंजीयन कराया था बाकी पक्षकार अनुपस्थित रहें, जिसमें आगामी निराकरण हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया जायेगा।
सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका उपस्थित रहीं। अनावेदकगण अनुपस्थित रहें। पिछली सुनवाई में आवेदिकागण ने बताया था कि कुछ देवार जाति की महिलाएं नकली किनर बनकर दुर्ग जिला में आंतक मचा रही है जो भटगांव में रहती है। भटगांव के अटल आवास बाम्बे आवास में रहती है जिसे आवेदिकागण पहचानती है, और उनको पहचान चिन्हांकित, शनाख्ती करने के लिए तैयार है। इन सभी नकली किनर का मेडिकल परीक्षण कराकर उनके खिलाफ कडी प्रतिबांधत्मक कार्यवाही करें। और सभी का फोटो समाचार पत्रो में प्रकाशित करे ताकि आम जनता को नकली किनर बनकर लूटपाट बंद करें। इस हेतु महिला थाना प्रभारी नीता राजपूत आवेदिकागण के साथ मिलकर काम करेगी। महिला थाना इंजार्ज नीता राजपूत व उनके साथ रक्षा टीम जोड़कर कार्यवाही करने का आदेश एस.पी. दुर्ग जारी करे। आर्डर शीट की छायाप्रति महिला थाना प्रभारी को निःशुल्क दिया जाता है। ताकि वह एक माह के अंदर जांच कर नकली किनर के खिलाफ कडी कार्यवाही करें अपनी रिपार्ट आयोग को प्रस्तुत करें ताकि प्रकरण नस्ती बध्द किया जा सके। इस हेतु एस.पी. दुर्ग मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करें। एसीपी उन्हें उचित मार्गदर्शन प्राप्त करें।
आवेदिका एवं अनावेदकगण उपस्थित। आगामी सुनवाई में थाना बेमेतरा में पत्र भेजा जाए। आगामी सुनवाई 6 अपै्रल को है। माननीय उच्च न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है। आनावेदक शादी में दिए गए सभी समान को देने को तैयार है। इस हेतु बेमेतरा के संरक्षण अधिकारी का नियुक्त किया जाता है दो दिन के अंदर समान दिलाकर उनका पंचनामा बनाकर व विडियों ग्राफी बनाकर रिपोर्ट आयोग प्रेषित करें। महिला आरक्षक का भी सहयोग ले सकती है। ऑर्डर शीट की कापी निशुल्क प्रदाय की जायेगी। अनोवदकगण के व्दारा लगातार आवेदिका को दबाव डालकर हस्ताक्षर कराकर उस पत्र का दुर्पयोग आवेदिका के खिलाफ किया जा रहा है। और उसके नाबालिक बच्चे का छीनकर अनावेदगण ने रखा है। आवेदिका के मूल आवेदन की प्रति भी संरक्षण अधिकारी को दिया जाता है। जिसके आधार पर व आवेदिका का दहेज का समान वापस कराए अन्यथा प्रेषित करें। जिसके पश्चात आवेदिका के लिए आयोग की ओर से अनुशंसा पत्र दिया जाऐगा। आवेदिका समस्त अनावेदक के खिलाफ शारीरिक मानसिक प्रताड़ना का प्रकरण थाना बेमेतरा में एफ.आई.आर. दर्ज करा सकती है। इस प्रकरण को संरक्षण अधिकारी को दिया जाता है।
एक और प्रकरण में उभय पक्ष उपस्थित अना. क्र. 1 उप. शासकीय उ.मा.वि. तारम्मटोला, अंम्बागढ चौकी में शिक्षक वर्ग-2 में पदस्थ है, जिसकी मासिक वेतन 60000 रू. है। शेष अनावेदकगण 2 से 5 समाज के पदाधिकारी है। आवेदिका ने बताया है कि आवेदिका एवं अनावेदक के दो बच्चे है, जिसे मिलने को अनावेदक नही देतो है। अनावेदक दूसरी विवाह करने की तैयारी कर रहा है, शादी का कार्ड भी छपा रखा है। इस आधार पर अना.क्र. 1 की सेवा समाप्ति की अनुशंसा की जाती है। अना.क्र. 1 व उनके पिता ने आवेदिका के नाम पर ग्राम मुरेठी टोला में 10 डिसमील जमीन खरीदा था जिसकी वैधानिक उत्तराधिकारी केवल आवेदिका है उसे छीने का प्रयास अना. क्र. 1 व्दारा किया जा रहा है। तथा उसी घर पर घरेलू समान स्कूटी सहित अना.क्र. 1 ने अन्य अनावेदगण के साथ मिलकर ताला लगाकर आपने पास रखा है। आयेाग के व्दारा समझाईश देने पर इस बात पर सहमत है कि आवेदिका के नाम पर पुरा समान व स्कूटी को आवेदिका को सुपर्द करेंगे। मोहला मानपुर की संरक्षरण अधिकारी करेगी और अपना रिपार्ट आयोग में प्रेषित करेंगी। आवेदिका व अना. क्र 1 के आपसी राजीनामा से तलाक का प्ररकण न्यायालय मंे लगाया जायेगा और दो नाबालिक बच्चे है जिसे महीने में 02 बार मिल सकती है। जिस पर अना.क्र. 1 सहमत है इसका विस्तृत इकारनामा संरक्षण अधिकारी व्दारा बनाया जाऐगा इसका जो भी खर्च होगा जिसका खर्च दोनो पक्ष वहन करेंगे। आज की ऑर्डर शीट की छायाप्रति निशुल्क दिया जा रहा है। आपसी समझौता करने को तैयार नही होते है तो आयोग व्दारा सेवा समाप्ति हेतु अनुशंसा किया जायेगा।
उभय पक्ष उपस्थित दोनो आपसी तलाक लेने के लिए तैयार है। आवेदिका का सोने की अंगूठी गुम जाने के कारण सोने की अंगूठी एवं 16000/- रू. अनावेदक व्दारा दिया जायेगा। इस प्रक्रिया में आपसी राजीनामा से तलाक बेमेतरा की संरक्षण अधिकारी उभय पक्ष का सहयोग करेंगी और इकारानामा तैयार करावेगी और तलाक का प्रकरण तैयार करवायेगी और अपना रिपोर्ट आयोग का प्रस्तुत करेंगी। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबध्द किया जाता है। संरक्षण अधिकारी को आज की ऑर्डर शीट की प्रति निःशुल्क दिया जाता है।
अना. परमेश्वर उपस्थित। आवेदिका उपस्थित। शेष अनावेदकगण को थाने के माध्यम से नोटिस तामिल करावाकर प्रकरण रायपुर में 6 अपै्रल को रखा गया है। उभय पक्ष उपस्थित आवेदिका व अना. क्र. 1 आपस में मां बेटी है आवेदिका के पिता के जमीन का मुआवजा 1 करोड 80 हजार की पहली किश्त मिले है जिसमें आवेदिका 1/4 की हिस्सेदार है। अनावेदकगण व्दारा हिस्सा नही देना चाहते है ऐसी स्थिति में कलेक्टर दुर्ग को एक विस्तृत पत्र प्रेेेषित किया जायेगा जिसमें भूमि की शेष राशि का रोक लगाया जायेगा । अनावेदक क्र. 1 का खाता बैक ऑफ बडोदा में है। बैंक का ट्राजेक्शन रोकने के लिए मैनेजर को पत्र लिखकर रोक लगाई जाए। प्रकरण आगामी सुनवाई 6 अपै्रल को रायपुर में।
अनावेदक प्राचार्य ने स्कूल छोड दिया है जिसके स्थान पर राजेश वर्मा उपस्थित। उन्होंने के सीएसबी रिजनल ऑफिस के अंतर्गत आता है। आवेदिका को समझाईश दिया गया कि इन सभी जगह पर आवेदिका तीनो स्थानों पर लिखित शिकायत करे और तीनों को पार्टी बनाते हुए आवेदन प्रस्तुत करेंगी। उभय पक्ष उपस्थित। अनावेदक क्र. 1 व 2 का अवैध संबंध में जिसका प्रमाण आवेदिका के पास है। अनावेदक क्र. 1 ने स्वीकार किया कि 52 हजार रूपये कमताा है। 30 लाख का कार व कॉम्लेक्स है तथा एक स्कूटी और बाईक है। आयेाग के समक्ष 5000 रूपये भरण पोषण देने को स्वीकार करता है। आवेदिका को दोनो अना.गण के विरूध्द अपराध दर्ज कराना चाहती है। लेकिन इसके पूर्व अना. क्र. 2 को उपस्थित होनेा अति आवश्यक है, जिसके लिए थाना भिलाई-3 को पत्र लिखा जाऐगा।
एक प्रकरण न्यायालय में प्रचलित होने के कारण नस्तीबध्द किया गया। उभय पक्ष उपस्थित। प्रधानमंत्री आवास से संबंधित शिकायत पर यह ममाला यहां पर पहुंचा है कि दोनो पक्षों को अपना दस्तावेज फोटो ग्राफ्स साथ लेकर आयोग में दिनांक 6.4.2026 को उपस्थित होना है। उभय पक्ष उपस्थित दोनो पति पत्नि है। दोनो 2 वर्ष से अलग-अलग रह रहे है। अनावेदक प्रधान आरक्षक 597 है, जो गुंडरदेही थाना में पदस्थ है। जिसका मासिक वेतन 55000/- रू. है। 02 वर्षाे से अपने बच्चों को कोई भरण पोषण नही दिया है। इस पूरे मामले में बालोद की संरक्षण अधिकारी को नियुक्त किया जाता हैं वह पहले अगल अलग दोनो पक्षों की कांउसलिंग करेंगे और उनकी 5 शर्ताे लिखलाए । उभय पक्ष का पुत्र मयंक भी उपस्थित रहेंगा। दोनो पक्ष की सहमति बनने पर उनका विस्तृत इकारार नामा बालोद में शपथ पत्र तैयार कर महिला आयेाग रायपुर में 6 अपै्रल 2026 को बालोद की संरक्षण अधिकारी लेकर उपस्थित होंगी। आज की ऑर्डर शीट की छायाप्रति संरक्षण अधिकारी को दी गई।
एक प्रकरण में ’’समय बढ़ाने की अनुशंसा की जाती है। 03 साल की अनुशंसा बढ़ाई जाती है। आवेदिका अपने 02 बच्चों के साथ, बी एड की परीक्षा उत्तीर्ण है। सहानुभुति पूर्वक इनके प्रकरण में उसे टीईटी अनिवार्यता की स्थील करते हुए अनुकंपा नियुक्ति की अनुशंसा करती है, टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण किये जाने हेतु 03 वर्ष का समय दिये जाने की आयोग अनुशंसा करती है ताकि आवेदिका अपने 02 बच्चों के पालन पोषण के लिए अपने अनुकंपा नियुक्ति के अधिकार का लाभ ले सके।’’ आज के आर्डर शीट की कॉपी उभय पक्ष को दिया जाता है। आवेदिका को उनका पूरा समान अनावेदक के व्दारा दिया जा चुका है। दोनो के सहमति से तलाक का प्रकरण कुटुम्ब न्यायालय में लगाने के लिए तैयार है इसलिए प्रकरण नस्तीबध्द किया गया। उभय पक्ष उपस्थित। दोनो के 02 वर्ष के बच्चें है। बच्ची की हित में उभय पक्ष ने यह तय किया है दिनांक 16.03.2026 को अनावेदकगण आयोग कार्यालय रायपुर में आयेगें और वहां आवेदिका व बच्चे को अनावेदक अपने साथ लेकर जाऐगा। आवेदिका के खाना बनाना अनावेदकगण को पंसंद नहीं है होने के कारण आवेदिका की सास व्दारा खाना बनाएगी और आवेदिका अपने व बच्चें के लिए अपनी पंसद की खाना बनाऐगी। आवेदिका को प्रतिमाह 10000/- रूपये अनावेदक व्दारा दिया जाऐगा। इस प्रकरण की निगराणी मंजु हिरवानी के व्दारा किया जाऐगा।
एक प्रकरण में आयोग में उपस्थित अनावेदक एक माह के अंदर आवेदिका के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करने को तैयार है 06 अप्रैल को रजिस्ट्री के लिए रायपुर उपस्थित होगी। उभय पक्ष उपस्थित। आवेदिका अपनी बहु अना. क्र 1 को तीन वर्ष बच्चे के साथ रहकर हर माह 8 हजार देने को तैयार है परन्तु आनवेदिका अपने पति के साथ और आवेदिका सास के साथ रहने के लिए तैयार नही है और तलाक लेना चाहती है। इसके लिए अनावेदक न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत कर सकती है लेकिन आवेदिका के पोते से मिलने के लिए नही रोक सकती है। आवेदिका अपने पुत्र के साथ मिलकर हर माह 02 बार अपने पोते से मिल सकती है। अगर अनावेदकगण व्दारा मिलने से मना करेगे तो आवेदिका न्यायालय में प्रकरण लगा सकती है। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबध्द किया जाता है। उभय पक्ष उपस्थित। आवेदिका ने अपना विस्तृत आवेदन दिया है और आज आयोग के समक्ष एक दस्तावेज प्रस्तुत किया है जिसमें इन अनावेदकगणों का हस्ताक्षर है इस आवेदिका को खिलाफ दिया गया शिकायत पत्र दिनंाक 17.9.2025 के मध्यम भाग में अंडरलाईन मार्किक में लिखा है कि महिला का चरित्र ठीक नही होने के कारण पूरा मोहल्ला आक्रोशित है। इस लाईन का लिखा जाना ही उपरोक्त लाईन को अपने शिकायत पत्र में लिखा गया है उसे अनावेदगकण व्दारा स्वीकार किया गया है। जिस पर इन सभी अनावेदकगणों के खिलाफ दीवानी व अपराधिक मामाला पंजीबध्द किया जा सकता है। क्योंकि सभी निर्वाचित सदस्यों है, इस स्तर पर अनावेदकगणों ने आयोग के समक्ष आवेदिका से माफी मांगी गया कि आवेदिका के चरित्र के खिलाफ लगाया था उसके लिए अनावेदकगण ने माफी मांगा।
एक प्रकरण में आंगनबाडी के बाजू मंे आवेदिका ने मकान बनाया थां। जिसमें किसी भी अनावेदकगण ने मना नहीं किया था। अनावेदकगण आज भी इस बात को स्वीकर कर रहे है कि आवेदिका को प्रधानमंत्री आवास के लिए राशि प्राप्त हुआ है। अनावेदकगणों ने आं.बा. की दीवार से चिपककर बनाया गया है उसका शिकायत किया था। जिसके कारण प्रशासन के व्दारा मकान तोडा गया था। इससे स्पष्ट है कि अनावेदकगण ने मिलकर षडयंत्र रचकर आवेदिका के मकान तोडवाया है। और शासन के लगभग 2 लाख राशि आवेदिका व उनकी बहन को मिला था जो अनावेदकगणों के कारण नष्ट हो गया है, जिसके लिए सभी अनावेदकगणों दोषी है। आवेदिका सभी के खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति थाने में एफ.आई.आर. दर्ज करा सकती है । स्तर पर अनावेदकगण व्दारा आवेदिका के मकान निमार्ण करवाने में सहयोग राशि देंगे यदि राशि 15 दिन के अंदर नही देते व अनावेदकगण सहमति नामा देकर नहीं कार्यवाही करते है तो आवेदिका को यह अधिकार को कि अनावेदकगण के खिलाफ जिला कबीर धाम के थाने में एफ.आई.आर. दर्ज करवा सकती है। आवेदिका गण उपस्थित। अनावेदक ने लिपिक के माध्यम से पत्र भेजा गया है कि वह रायपुर गया हुआ है। आवेदिका ने कहा कि अनावेदक रायपुर नहीं गया है वह दुर्ग जेडी कार्यालय में उपस्थित है। आनावेदक के उपस्थिति हेतु एस.पी. दुर्ग को एक पत्र भेजा जाऐगा जिसमें एक पुलिस कर्मचारी के साथ अनावेदक को आगामी सुनवाई तिथि में उपस्थिति हो । थाना प्रभारी जामुल अनावेदक को सुनवाई तिथि में उपस्थिति नही होते तो थाना प्रभारी को शोकास पत्र जारी किया जायेगा। उभय पक्ष उपस्थित। वर्तमान में अनावेदक रिटार्यट हो चुके है उनका घर का पता अभिलेख में दर्ज किया गया। आवेकिदा पक्ष की शिकायत गाली गलौच अभद्र व्यवहार का है क्योंकि इस माामलें में आंतरिक समिति की जांच नही हो सकती। आवेदिका को अधिकार है कि अनावेदक के खिलाफ थाना पुलगांव मंे जाकर अभद्र व्यवहार, गाली गलौच का एफ.आई.आर. दर्ज करा सकती है। उभय पक्ष उपस्थित अनावेदक ने बताया कि उसने जमीन के बटवारे के न्यायालय में प्रकरण दर्ज किया है। आयोग के निर्णय के पश्चात आवेदिका को जो पास बुक मिली थी उसे 500000 रू. मिल चुका है। प्रकरण नस्तीबध्द किया गया। उभय पक्ष उपस्थित इस प्रकरण में महिला थाना प्रभारी उभय पक्ष का कांउसलिंग किया है और आवेदिका को समझाईश दिया गया है आवेदिका के बच्चों व उनके परिवार का छेडछाड करता है तो आवेदिका थाने में प्रकरण दर्ज करा करा सकती है। आवेदिका उपस्थित। अनावेदिका लगातार अनुपस्थित के कारण प्रकरण नस्तीबध्द किया जाता है। उभय पक्ष उपस्थित। एक वर्श से पूर्व इस प्रकारण को विस्तार से सुना गया था लेकिन आनावेदक अपीनी चाल बाजी से बाज नही आ रहा है। अनावेदक को अनुमानित 1 करोड रूपये मिलने वाला है। अनावेदक अपने पत्नी को 10000 रू. मासिक देता है जिससे स्पष्ट होता है कि अनावेदक अपनी पत्नि को भरण पोषण देने की नियत नही रखता है।
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