स्वास्थ्य

नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने हेतु व्यापक तैयारियाँ प्रारंभ 

39525042026120851whatsappimage2026-04-25at5.36.44pm.jpeg

दुर्ग। आगामी नेशनल लोक अदालत को अधिकतम सफल एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के मार्गदर्शन में जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में तैयारियाँ तेजी से संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में न्यायालय परिसर स्थित सभागार में विभिन्न हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन कर रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इसी कड़ी में प्रथम बैठक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग की अध्यक्षता में जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण के साथ आयोजित की गई। बैठक में प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी न्यायाधीश अपने-अपने न्यायालयों में लंबित समझौता योग्य प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करें तथा पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से विवाद समाधान हेतु प्रेरित करें। साथ ही प्री-सीटिंग हेतु जारी नोटिसों की समयबद्ध एवं प्रभावी तामिली सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
विशेष रूप से राजीनामा योग्य सिविल एवं आपराधिक प्रकरण, बैंक, बीमा, मोटर दुर्घटना दावा, धारा 138 एन.आई. एक्ट, विद्युत एवं अन्य प्री-लिटिगेशन प्रकरणों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों के निस्तारण हेतु संवेदनशील, संवादात्मक एवं सकारात्मक काउंसलिंग दृष्टिकोण अपनाया जाए तथा अधिवक्ताओं एवं संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर अधिकतम प्रकरणों के निराकरण को सुनिश्चित किया जाए। 
तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु द्वितीय बैठक का आयोजन मोटर यान दुर्घटना दावा प्रकरणों से संबंधित हितधारकों के साथ किया गया, जिसमें मोटर यान दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीशगण, आवेदक एवं बीमा कंपनियों के अधिवक्तागण तथा बीमा कंपनियों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में आगामी नेशनल लोक अदालत में अधिकाधिक मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के निस्तारण हेतु विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इस दौरान बीमा कंपनियों के अधिकारीगण को निर्देशित किया गया कि वे लोक अदालत के दिन सक्षम प्राधिकारी के रूप में उपस्थित रहकर व्यवहारिक एवं न्यायोचित समझौता प्रस्ताव प्रस्तुत करें। साथ ही अधिवक्तागण से अपेक्षा की गई कि वे पक्षकारों को लोक अदालत के लाभों से अवगत कराते हुए समझौता प्रक्रिया में सक्रिय एवं सकारात्मक सहयोग प्रदान करें।
इसी क्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, दुर्ग द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेटों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें लोक अदालत की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में सीजेएम द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित समझौता योग्य आपराधिक प्रकरणों, सिविल प्रकरणों, विशेषकर धारा 138 एन.आई. एक्ट एवं अन्य राजीनामा योग्य मामलों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर लोक अदालत हेतु तैयार करें। साथ ही पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से त्वरित एवं सुलभ न्याय के लाभों से अवगत कराते हुए उन्हें समझौते के लिए प्रेरित करने पर विशेष बल दिया गया।

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

logo.webp

स्वामी / संपादक- पवन देवांगन

- बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल : dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

NEWS LETTER
Social Media

Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.