होम / दुर्ग-भिलाई / राष्ट्रहित सर्वोपरि : ईंधन बचत के लिए भिलाई वरिष्ठ नागरिक महासंघ ने टाला सामूहिक भ्रमण कार्यक्रम
दुर्ग-भिलाई
-ईंधन की बचत और गैरज़रूरी खर्चों में कटौती करके राष्ट्र के प्रति अपना दायित्व निभाएं : घनश्याम देवांगन
भिलाई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इज़राइल एवं ईरान के बीच बढ़ते युद्ध तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और कीमतों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन रही है। ऐसी स्थिति में देश में संभावित पेट्रोल-डीजल एवं कामर्शियल गैस संकट को ध्यान में रखते हुए भिलाई वरिष्ठ नागरिक महासंघ ने देशहित में एक सराहनीय निर्णय लेते हुए अपने 15 मार्च को स्पेशल बस के द्वारा सियादेई एवं अन्य पर्यटन स्थलों के पूर्व निर्धारित सामूहिक भ्रमण कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है।
महासंघ के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में देश के संसाधनों पर अतिरिक्त भार न पड़े, इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। इसी भावना से महासंघ ने भ्रमण तथा अन्य गैरज़रूरी खर्चों में भी कटौती करने का निर्णय लिया है। देश जब चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रहा हो, तब प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह संयम और जिम्मेदारी का परिचय दे। ईंधन की बचत और गैरज़रूरी खर्चों में कटौती करके हम राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निभा सकते हैं।
उन्होंने सभी नागरिकों से भी अपील की कि वे पेट्रोल-डीजल एवं गैस का उपयोग अतिआवश्यक कार्यों तक सीमित रखें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा ऊर्जा संरक्षण के माध्यम से देश की आर्थिक मजबूती में सहयोग करें।
महासंघ के अध्यक्ष देवांगन ने यह भी स्पष्ट किया कि परिस्थितियां सामान्य होने के बाद सामूहिक भ्रमण कार्यक्रम की नई तिथि घोषित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और आवश्यकता पड़ने पर समाज का हर वर्ग त्याग और सहयोग के लिए तैयार है।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.