दुर्ग। होली के त्योहार के बाद कई लोगों को आंखों में जलन, लालिमा और धुंधलापन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह सामान्य नहीं है और रासायनिक रंग आंखों की नाजुक परत कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋचा वर्मा ने लोगों से अपील की है कि होली के बाद आंखों की सुरक्षा के प्रति विशेष सावधानी बरतें।
डॉ. ऋचा वर्मा ने बताया कि अगर आंखों में रंग चला जाए या हल्की जलन महसूस हो तो सबसे पहले साफ और ठंडे पानी से आंखों को धीरे-धीरे धोना चाहिए। हल्की जलन होने पर ठंडी पट्टी का उपयोग किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की आंखों का ध्यान रखने की सलाह दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग आंखों में जलन होने पर उन्हें जोर से रगड़ते हैं या बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप डाल लेते हैं, जो नुकसानदायक हो सकता है। गुलाबजल, शहद या अन्य घरेलू नुस्खे आंखों में डालने से भी बचना चाहिए। साथ ही होली के बाद कम से कम 2–3 दिन तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से परहेज करना बेहतर रहता है।
डॉ. वर्मा के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को आंखों में तेज दर्द, धुंधला दिखाई देना, रोशनी से चुभन, या लगातार पानी या मवाद आने जैसी समस्या हो तो तुरंत नेत्र चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि होली खुशियों और रंगों का त्योहार है, लेकिन आंखों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी से आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखा जा सकता है।
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