
दुर्ग । होली पर्व के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज के बघेरा स्थित आनंद सरोवर के "कमला दीदी सभागार" में होली पर्व अत्यंत हर्षोल्लास से मनाया गया जिसमें ब्रह्माकुमारी हिमांशु बहन इन्दौर (म.प्र.) अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत परमात्म स्मृति के साथ हुआ तत्पश्चात बेबी परिधी, सान्वि, किया, दिव्यांका द्वारा होली के गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया गया ।
इस अवसर पर बघेरा , केलाबाड़ी ,आर्य नगर ,सिंधिया नगर ,चंदखुरी व भिन्न भिन्न स्थानों के ब्रह्माकुमारी सेवाकेन्द्र के अनेक भाई-बहनें उपस्थित हुए ।

होली पर्व की आध्यात्मिक रहस्य को बताते हुए ब्रह्माकुमारी दुर्ग जिले की संचालिका रीटा बहन ने कहा होली की विशेषता है जलाना, फिर मनाना और फिर मंगल मिलन करना। होली अर्थात् पवित्र बनने के लिए पहले पुराने संस्कार, पुरानी स्मृतियाँ सभी को परमात्म याद के अग्नि में जलायेंगे तभी परमात्मा के संग का रंग लगेगा और विश्व की सर्व आत्मायें प्रभु परिवार बन जायेगा। होली का अर्थ यह भी है - हो- ली । जो बात बीत गयी उसका चिंतन न करना। ऐसी बातें जो मन को अशांत व दुःखी करने वाली उस बात को फुल स्टाप अर्थात् बिन्दी लगाना है ।
कार्यक्रम में मंच संचालन ब्रह्माकुमारी चैतन्य बहन ने किया साथ ही सभी नगर व प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं दी ।
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