होम / दुर्ग-भिलाई / जर्जर बॉम्बे आवास, हादसे का खतरा- भगवान भरोसे जिंदगी; हालात देखने पहुँचे वोरा, तुरंत कार्रवाई की मांग
दुर्ग-भिलाई
दुर्ग। बॉम्बे आवास की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान रहवासियों के बुलावे पर सोमवार सुबह पूर्व विधायक अरुण वोरा ने परिसर का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रहवासियों ने आवास की गंभीर समस्याओं से अवगत कराते हुए जिला व निगम प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
रहवासियों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। चारों ओर फैली गंदगी, भरे हुए सेप्टिक टैंक और जाम नालियों के कारण संक्रमण का खतरा बना हुआ है। कई मकान जर्जर हालत में हैं, जिससे लोग भय के साए में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थिति पर चिंता जताते हुए अरुण वोरा ने कहा कि बॉम्बे आवास की हालत बेहद गंभीर है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने जिला प्रशासन और निगम की संयुक्त टीम को तत्काल मौके पर भेजकर व्यापक सफाई एवं सुधार अभियान चलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि दुर्ग शहर के उन सभी वार्डों, जहाँ आर्थिक रूप से कमजोर परिवार निवास करते हैं—विशेषकर पटरीपार क्षेत्र—में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री आवास कॉलोनियों की हालत पर भी चिंता जताते हुए अरुण वोरा ने कहा कि चाहे बॉम्बे आवास हो या प्रधानमंत्री आवास—दोनों जगहों की स्थिति बेहद गंभीर है और इन्हें प्रशासन व निगम प्रशासन की तत्काल और आपात ध्यान की आवश्यकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो यहाँ रहने वाले लोग कभी भी किसी बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं। वोरा के अनुसार जर्जर मकानों और बदहाल व्यवस्थाओं के कारण रहवासी रोजाना डर के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं और उनका जीवन लगातार असुरक्षा और भय से घिरा हुआ है।
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