होम / दुर्ग-भिलाई / संवेदनशील न्यायिक पहल: बाल संप्रेक्षण गृह दुर्ग में खेल प्रतिभा को मिला मंच
दुर्ग-भिलाई
दुर्ग। दुर्ग स्थित शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह में आज बच्चों के सर्वांगीण विकास, मानसिक प्रसन्नता तथा खेल भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग से प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश, किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट एवं प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के लिए दौड़, बोरा कूद, वॉलीबॉल, कैरम एवं शतरंज जैसी विविध खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बच्चों ने अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ सहभागिता निभाई। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों की छिपी हुई खेल प्रतिभा, अनुशासन, टीम भावना तथा आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। बच्चों ने खेल भावना का परिचय देते हुए आपसी सहयोग एवं सौहार्द के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
खेल प्रतियोगिताओं के उपरांत पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विजेता एवं प्रतिभागी बच्चों को सम्मानित किया गया। विशेष रूप से वॉलीबॉल प्रतियोगिता के विजेता दल को न्यायधीशगण द्वारा अपनी ओर से एक नया वॉलीबॉल पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया गया, जिससे बच्चों में अत्यधिक प्रसन्नता एवं उत्साह का संचार हुआ।
इस आयोजन से बाल संप्रेक्षण गृह का वातावरण उल्लासपूर्ण, सकारात्मक एवं प्रेरणादायी बन गया। बच्चों के चेहरों पर झलकती खुशी और आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण रही कि इस प्रकार की रचनात्मक एवं खेलकूद गतिविधियाँ उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के तीन पैरालीगल वालंटियर्स (पीएलवी) भी उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
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