होम / दुर्ग-भिलाई / प्रदेश में बढ़ती स्कूली हिंसा पर अरुण वोरा की चिंता:"बच्चों की पढ़ाई के साथ सुरक्षा सर्वोपरि"
दुर्ग-भिलाई

दुर्ग। प्रदेश भर में स्कूली छात्रों से जुड़ी हिंसक घटनाओं के सामने आने से अभिभावकों और समाज में चिंता का माहौल है। हाल के दिनों में रायपुर में छात्रों के बीच चाकू के इस्तेमाल की खबरों के बाद अब राजनांदगांव में एक स्कूली छात्र पर ब्लेड से हमला किए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार राजनांदगांव शहर के स्टेट स्कूल के सामने फ्लाईओवर के नीचे कक्षा 7वीं के एक छात्र पर अज्ञात युवकों ने ब्लेड से हमला कर दिया। शुक्रवार दोपहर स्कूल से बाहर निकलते समय छात्र फ्लाईओवर के नीचे से गुजर रहा था, तभी हमलावरों ने उसकी पीठ पर वार कर मौके से फरार हो गए। हमले में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर घटना को आपसी दुश्मनी से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसरों के आसपास इस प्रकार की हिंसक घटनाएं समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं और इन्हें केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से देखना पर्याप्त नहीं होगा। युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को सामाजिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टि से समझने की आवश्यकता है।
अरुण वोरा ने कहा, “सरकारी स्कूल सपनों की जगह है। आज वही परिसर डर से भर गया है। जहाँ किताबें और खेल होने चाहिए, वहाँ हिंसा की बातें क्यों सुनाई दे रही हैं? माता-पिता भरोसे से बच्चों को स्कूल भेजते हैं, सरकार का कर्तव्य है उस भरोसे की रक्षा करना। बढ़ता अपराध और घटती सुरक्षा, सुशासन के दावों पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।”
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार स्कूलों में नियमित काउंसलिंग व्यवस्था, नैतिक शिक्षा और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को सशक्त करे। उनके अनुसार अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन को मिलकर बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। “बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना, संवाद बढ़ाना और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सामूहिक प्रयास से ही हम एक सुरक्षित और संवेदनशील समाज का निर्माण कर सकते हैं,” उन्होंने कहा।
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