दुर्ग। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 18वीं पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार 24 अगस्त को जिला अस्पताल दुर्ग के ब्लड सेंटर में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का शुभारंभ कलेक्टर अभिजीत सिंह, सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. चुरेंद्र, नव दृष्टि फाउंडेशन प्रमुख राज आढ़तिया, रोटरी क्लब ऑफ़ भिलाई पिनाकल की अध्यक्ष डॉ. पूर्वा रोज़िंदार, ब्र.कु. रीटा दीदी और ब्र.कु. रूपाली दीदी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने इस अवसर पर कहा “रक्त एक ऐसी शक्ति है जिसकी सृजन करने की शक्ति ईश्वर ने केवल मनुष्यों को दी है। कोई कितना भी धन-संपत्ति अर्जित कर ले, लेकिन जब रक्त की आवश्यकता होगी तो उसे मनुष्य की ओर ही देखना होगा। मानवता सर्वोपरि है और रक्तदान इसी का सच्चा प्रतीक है।”
हेमचंद विश्वविद्यालय के कुलपति संजय तिवारी ने कहा कि आज के समय में रक्तदान सामाजिक कार्य ही नहीं बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में रक्तदान जीवन रक्षक सिद्ध होता है।
नव दृष्टि फाउंडेशन प्रमुख राज आढ़तिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे पिछले 32 वर्षों से इस अभियान से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि “जब हम किसी की जान बचाते हैं तो उससे बड़ी संपत्ति दुनिया में कोई नहीं हो सकती।”
रोटरी क्लब ऑफ़ भिलाई पिनाकल की अध्यक्ष डॉ. पूर्वा रोज़िंदार ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज का यह अभियान पूरे विश्व को एक अनोखा संदेश देगा। उन्होंने सभी से अपील की “रक्तदान करिए, जीवन बचाइए, मानवता का फर्ज़ निभाइए।”
इनरव्हील क्लब दुर्ग की सेक्रेटरी स्नेहा मित्तल ने कहा कि “मानव रक्त इतना मूल्यवान है कि एक यूनिट से तीन-चार जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। समाज में यह भ्रांति गलत है कि महिलाएं रक्तदान नहीं कर सकतीं। मैं स्वयं समय-समय पर रक्तदान करती हूं और अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित करती हूं।” ब्रह्माकुमारी दुर्ग की संचालिका रीटा दीदी ने कहा कि यह शिविर भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय, नव दृष्टि फाउंडेशन, रोटरी क्लब ऑफ़ भिलाई पिनाकल, इनरव्हील क्लब दुर्ग और जिला अस्पताल ब्लड सेंटर के सहयोग से आयोजित किया गया। उन्होंने दादी प्रकाशमणि को याद करते हुए कहा “दादी वास्तव में रियल डायमंड थीं। जो भी उनसे मिलते थे, उन्हें उनकी लाइट और माइट की अनुभूति होती थी।”
शिविर का संचालन रूपाली दीदी ने किया। उन्होंने जानकारी दी कि ब्रह्माकुमारीज द्वारा 22 से 25 अगस्त तक एक लाख यूनिट रक्त एकत्रित करने का संकल्प लिया गया है। केवल दो दिनों में देशभर के 600 स्थानों पर 50,000 यूनिट से अधिक रक्त एकत्रित हो चुका है।
इस शिविर में शाम 6 बजे तक 400 यूनिट से अधिक रक्तदान हुआ और देर रात तक यह अभियान चलता रहा।
इस अवसर पर नव दृष्टि फाउंडेशन के कुलवंत भाटिया, प्रमोद वाघ, दीपक बंसल, जितेंद्र हसवानी सहित रोटरी क्लब ऑफ़ भिलाई पिनाकल, इनरव्हील क्लब दुर्ग के अनेक सदस्य, जिला अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी और ब्रह्माकुमार-बहनों का विशेष योगदान रहा।
यह आयोजन मानवता के नाम एक मिसाल कायम कर गया।
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