-फेसबुक-इंस्टाग्राम पर तीन अलग-अलग नामों से चला रहे थे फर्जी मैरिज ब्यूरो, सुपेला पुलिस ने संचालक को किया गिरफ्तार
-22 कीपैड मोबाइल, 4 एंड्रॉयड मोबाइल, 16 सिम कार्ड, कंप्यूटर और 1.64 लाख रुपये नकद सहित 2.83 लाख का मशरूका जब्त
-तीन माह से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, प्रतिदिन 20 से 50 कॉल कर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को बनाते थे निशाना
भिलाई। विवाह के इच्छुक लोगों को मनपसंद जीवनसाथी उपलब्ध कराने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी मैरिज ब्यूरो का सुपेला पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 'कल्याण मैट्रिमोनी', 'एलिट मैच मैट्रिमोनी' एवं 'फ्यूचर पार्टनर' के नाम से फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित कर रहा था। इसके माध्यम से AI तकनीक से तैयार काल्पनिक युवतियों की तस्वीरें दिखाकर देश के विभिन्न राज्यों के विवाह इच्छुक लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। आरोपी प्रारंभिक तौर पर प्रत्येक व्यक्ति से 2,000 रुपये और इसके बाद अन्य राशि वसूलकर मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर देता था।
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी परमानंद यादव (24 वर्ष), निवासी ग्राम ओटेबंद, थाना नंदनी, अहिवारा, जिला दुर्ग, वर्तमान निवासी नेहरू नगर ईस्ट को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 22 कीपैड मोबाइल, 4 एंड्रॉयड मोबाइल, 16 सिम कार्ड, कंप्यूटर, इंटरनेट वाई-फाई, विभिन्न बैंकों की चेकबुक और 1 लाख 64 हजार रुपये नकद सहित कुल 2 लाख 83 हजार 600 रुपये का मशरूका जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
-मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को थाना सुपेला पुलिस को सूचना मिली थी कि उत्तर गंगोत्री भवन में यूनियन बैंक के पास स्थित एक परिसर के हॉल में एलिट मैच मैट्रिमोनी के नाम से फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित किया जा रहा है। यहां फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों के माध्यम से लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए सुपेला पुलिस की टीम ने गवाहों के साथ मौके पर दबिश दी। वहां मैरिज ब्यूरो का संचालक परमानंद यादव और चार युवतियां काम करते हुए मिलीं।
परिसर की तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, कंप्यूटर, इंटरनेट वाई-फाई, विभिन्न बैंक खातों की चेकबुक, भुगतान के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले क्यूआर कोड, मैरिज ब्यूरो के प्रचार संबंधी फ्लेक्स तथा ग्राहकों के मोबाइल नंबर और भुगतान का हिसाब दर्ज करने वाले रजिस्टर मिले।
-नौकरी का झांसा देकर युवतियों से करवा रहे थे कॉलिंग
मौके पर मौजूद युवतियों से पूछताछ में पता चला कि उन्हें अच्छी कंपनी में नौकरी देने का झांसा देकर बुलाया गया था। उन्हें प्रतिमाह 7 हजार रुपये वेतन देने का आश्वासन दिया गया और दो दिन का प्रशिक्षण देने के बाद मैरिज काउंसलर के रूप में काम सौंपा गया था। उनका काम ग्राहकों से बातचीत करना और क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान प्राप्त करना था।
-AI तस्वीरों और फर्जी प्रोफाइल से बिछाया ठगी का जाल
मुख्य आरोपी परमानंद यादव ने पूछताछ में बताया कि वह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फ्यूचर पार्टनर, कल्याण मैट्रिमोनी एवं एलिट मैच मैट्रिमोनी के नाम से प्रचार करता था। इसके लिए AI तकनीक से तैयार काल्पनिक युवतियों की तस्वीरों और फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर दूसरे राज्यों के विवाह इच्छुक लोग संपर्क करते थे और फोन पर बातचीत के बाद अपना बायोडाटा भेजते थे।
इसके बाद आरोपी और उसके सहयोगी संबंधित लोगों को उनकी पसंद की लड़की से विवाह कराने का भरोसा दिलाते थे। मैरिज काउंसलर के नाम से बनाए गए बैंक खातों के क्यूआर कोड भेजकर शुरुआती तौर पर 2,000 रुपये जमा कराए जाते थे। इसके बाद अलग-अलग बहानों से अन्य रकम भी वसूली जाती थी। पैसा मिलते ही संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता था और उससे संपर्क बंद कर दिया जाता था।
-तीन माह से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब तीन माह से इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। यहां प्रतिदिन लगभग 20 से 50 कॉल किए और प्राप्त किए जाते थे। पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों की जांच की तो भारत सरकार के समन्वय पोर्टल पर भी संबंधित खातों के विरुद्ध शिकायतें दर्ज होना पाया गया। इससे अलग-अलग राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर सुनियोजित तरीके से साइबर धोखाधड़ी किए जाने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने बरामद सामग्री, दस्तावेजों और प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1630/2026 के तहत धारा 317(2), 319(2) बीएनएस में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
-ये सामग्री हुई जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान विभिन्न बैंकों की चेकबुक और पासबुक, 1 लाख 64 हजार रुपये नकद, एयरटेल एवं वीआई कंपनी के 16 सिम कार्ड, 22 कीपैड मोबाइल और 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए। इनमें मोटोरोला, वनप्लस और आईफोन जैसे मोबाइल भी शामिल हैं। इसके अलावा एक कंप्यूटर सेट और एयरटेल कंपनी का इंटरनेट वाई-फाई भी जब्त किया गया। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 2 लाख 83 हजार 600 रुपये बताई गई है।
-सुपेला पुलिस की टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक खेलन साहू, नमिता टेकाम, मिथलेश साहू एवं संतोष निर्मलकर की विशेष भूमिका रही।
-दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से की सतर्क रहने की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले विवाह संबंधी विज्ञापनों और मैरिज ब्यूरो की विश्वसनीयता की जांच किए बिना किसी पर भरोसा न करें। केवल तस्वीरों और ऑनलाइन प्रोफाइल के आधार पर विवाह संबंधी निर्णय लेने से बचें। रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल फीस या अन्य किसी भी नाम पर अग्रिम राशि जमा करने से पहले संस्था की वास्तविकता की पुष्टि अवश्य करें।
पुलिस ने यह भी चेताया है कि AI से बनाई गई काल्पनिक तस्वीरों और फर्जी प्रोफाइल से सावधान रहें। किसी अनजान व्यक्ति को आधार कार्ड, बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड अथवा व्यक्तिगत दस्तावेज साझा न करें। अपना बैंक खाता, सिम कार्ड, मोबाइल नंबर या क्यूआर कोड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। नौकरी या कमीशन के लालच में बैंक खाता उपलब्ध कराना भी कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
यदि किसी के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नजदीकी थाना या साइबर पुलिस को दें। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बनाए रखने की अपील की है।
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