-400 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला, कई मार्गों पर आवागमन बंद; महादेव घाट, पुलगांव, कोही, बोरी-ननकट्टी सहित कई क्षेत्र प्रभावित

दुर्ग। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते शिवनाथ नदी सहित विभिन्न नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई स्थानों पर जलभराव और पुल-पुलियों के ऊपर पानी का तेज बहाव होने से आवागमन प्रभावित हुआ। स्थिति को देखते हुए दुर्ग पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने दिन-रात राहत एवं बचाव अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर फंसे 400 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
महादेव घाट, पुलगांव, कोही, महामारा-कोही, बोरी-ननकट्टी, भाटपारा, समुद्रा नाला, घोड़ागोड़खी तथा धमधा-तितुरघाट सहित कई क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने के कारण मार्गों पर आवागमन रोकना पड़ा। पुलिस टीमों द्वारा संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग कर सतत निगरानी रखी गई और नागरिकों को सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई।
अमलेश्वर में बनाए गए राहत शिविर
जलभराव से प्रभावित लोगों के लिए अमलेश्वर क्षेत्र में राहत शिविरों की व्यवस्था की गई। निषाद घर अमलेश्वर में 71 लोग, ग्राम बोथली ग्राम पंचायत में 80 लोग तथा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी अमलेश्वर में 20 लोग ठहराए गए। इसी प्रकार ग्राम जमराव के पंचायत भवन में 10, प्राथमिक शाला में 16 तथा निषाद भवन में 4 लोगों को सुरक्षित स्थान दिया गया।
कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन बंद
महादेव घाट में आमलेश्वर से रायपुर मार्ग पर पुल के ऊपर पानी बहने के कारण बैरिकेड लगाकर आवागमन बंद किया गया। कोही पुल एवं महामारा-कोही क्षेत्र में पुल-पुलिया जलमग्न होने से आवागमन बाधित रहा। शिवनाथ नदी के बढ़े जलस्तर के कारण बोरी-ननकट्टी मार्ग भी बंद किया गया।
खारुन नदी के भाटपारा क्षेत्र में नदी का पानी क्षेत्र में प्रवेश कर गया तथा पुल-पुलियों पर पानी बहने लगा। पुलगांव स्थित शिवनाथ नदी की निचली पुलिया पूरी तरह जलमग्न रही। यहां गणेश विसर्जन के लिए पहुंचने वाले नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई। समुद्रा नाला क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने और सड़क पर पानी आने से आवागमन बाधित रहा। बेमेतरा-राजनांदगांव मार्ग पर घोड़ागोड़खी पुल के ऊपर पानी बहने के कारण यातायात बंद किया गया। धमधा-तितुरघाट मार्ग पर सड़क जलमग्न होने तथा नाले के ऊपर पानी बहने से इस मार्ग को भी बंद किया गया।
ननकट्टी से दुर्ग आने-जाने वाले मार्ग पर शिवनाथ नदी के तेज जलप्रवाह को देखते हुए बोरी-ननकट्टी होकर आवागमन रोक दिया गया। वहीं रायपुर के टाटीबंद रोड स्थित चंदन पेट्रोल पंप के सामने जलभराव के कारण वाहन चालकों को सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई।
पुलिस-एसडीआरएफ की टीमें लगातार तैनात
बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए दुर्ग पुलिस की पेट्रोलिंग एवं राहत-बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तैनात रहीं। पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की मैदानी टीमों ने समन्वय के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला तथा आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई।
पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर ने संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मैदानी निरीक्षण कर जलस्तर, आवागमन और राहत-बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित टीमों को समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य जारी रखने के निर्देश दिए।
दुर्ग पुलिस ने की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से नदी, नाला, पुल-पुलिया और जलभराव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। तेज जलप्रवाह वाले मार्गों को पार करने का प्रयास नहीं करने तथा पुलिस और प्रशासन द्वारा बैरिकेड लगाकर बंद किए गए मार्गों पर आवागमन नहीं करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने नागरिकों से सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और किसी व्यक्ति के बाढ़ अथवा जलभराव में फंसे होने की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अमले को सूचना देने की अपील की है।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.