-रीटा दीदी ने कहा-त्याग, तपस्या और पवित्रता की झलक है इनके जीवन में

दुर्ग। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बघेरा स्थित आनंद सरोवर में ओम शांति रिट्रीट सेंटर, दिल्ली से 42 भाइयों का शुभागमन हुआ। छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए इन भाइयों का ब्रह्माकुमारी बहनों एवं स्थानीय भाई-बहनों ने आत्मीयता और गर्मजोशी से स्वागत किया।
ओम शांति रिट्रीट सेंटर की विशेषता बताते हुए कहा गया कि यहां सेवा में समर्पित भाई-बहन ज्ञान, योग एवं आध्यात्मिक मूल्यों को अपने जीवन में धारण कर विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। ब्रह्माकुमारीज की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी गुलजार जी, ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी तथा ब्रह्माकुमारीज के पूर्व महासचिव ब्रह्माकुमार बृजमोहन भाई जी के विशेष मार्गदर्शन में इन सभी ने अपने जीवन को ज्ञान, योग एवं मूल्यों से विशेष बनाया है।
आगंतुक भाइयों का पुष्प एवं पट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। वहीं भाइयों ने ब्रह्माकुमारीज दुर्ग की संचालिका रीटा दीदी एवं रूपाली दीदी का शाल पहनाकर सम्मान किया।
स्वागत उद्बोधन में रीटा दीदी ने कहा, “भारत की राजधानी से आए त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति महाराज कुमारों का भगवान के घर आनंद सरोवर में स्वागत एवं अभिनंदन है।

एक परमात्मा के घर से दूसरे परमात्मा के घर आए इन होली हंसों के मस्तक एवं नयनों से सौम्यता, मधुरता और पवित्रता दिखाई दे रही है।”
दुर्गेश भाई, जो होम्योपैथी चिकित्सक हैं, ने मन और शरीर के स्वास्थ्य के संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मन को स्वस्थ एवं सकारात्मक रखने में मेडिटेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बी.के. राजकुमार ने बताया कि ब्रह्माकुमारीज को भारत सरकार की ओर से विभिन्न वर्गों की सेवा के अवसर मिलते रहते हैं। इसी क्रम में ‘एजिंग विद डिग्निटी’ अभियान के माध्यम से बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक एवं गौरवपूर्ण जीवन जीने के लिए देशभर में सेवाएं संचालित की जा रही हैं।
कार्यक्रम में दीपेश भाई ने मधुर गीत तथा मदन भाई ने कविता प्रस्तुत की। मंच संचालन खुशबू बहन ने किया। इस अवसर पर दुर्ग के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भाई-बहन उपस्थित रहे।
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