दुर्ग। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के पूर्व अध्यक्ष एवं दुर्ग के पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा महतारी वंदन योजना की किस्त को महिलाओं के चेहरे की मुस्कान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता से जोड़कर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
आर.एन. वर्मा ने कहा कि महिलाओं के चेहरे की वास्तविक मुस्कान केवल ₹1,000 की मासिक राशि से नहीं आ सकती। आज बढ़ती महंगाई, बिजली के बढ़ते बिल, महंगे पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, राशन और रोजमर्रा की जरूरतों की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। ऐसे में एक हाथ से ₹1,000 देना और दूसरे हाथ से महंगाई का बोझ बढ़ाते जाना महिला सशक्तिकरण नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस राशि को महिलाओं की आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती की बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित करना वास्तविक परिस्थितियों से परे है। महिलाओं को केवल चुनावी किस्त नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार, सम्मानजनक आय और मजबूत आर्थिक आधार की जरूरत है।
वर्मा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के चेहरों पर स्थायी मुस्कान देखना चाहती है, तो उसे महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार के अवसर बढ़ाने और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता तभी मिलेगी, जब उनके पास स्थायी आय, रोजगार और अपने फैसले लेने की आर्थिक क्षमता होगी।
उन्होंने कहा कि विज्ञापनों और मंचों पर मुस्कान दिखाने से महिलाएं आत्मनिर्भर नहीं होतीं। जब जीवन का बजट मजबूत होगा, तभी महिलाओं के चेहरों पर वास्तविक खुशी दिखाई देगी।
आर.एन. वर्मा ने सरकार से कहा कि वह राजनीतिक प्रचार से आगे बढ़कर महिलाओं की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि ₹1,000 की सहायता को उपलब्धि बताने के बजाय ऐसी नीतियां बनाई जानी चाहिए, जिनसे महिलाएं और उनके परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हों तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की सहायता पर निर्भर न रहें।
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