भिलाई। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग ने बृंदा राय को इतिहास विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की है। उनके शोध का विषय "छत्तीसगढ़ राज्य के आर्थिक विकास में दुर्ग जिले की भूमिका (2000 से 2020 तक) था। उन्होंने अपना यह शोध कार्य डॉ. पी.डी. सोनकर (सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक, डॉ. मनराखन लाल साहू शासकीय महाविद्यालय, जामुल, भिलाई) के कुशल निर्देशन में पूर्ण किया। इस शोध प्रबंध के बाह्य परीक्षक डॉ. शामराव आई. कोरेटी (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर, महाराष्ट्र) थे।
मौखिक परीक्षा के दौरान बाह्य परीक्षक डॉ. शामराव आई. कोरेटी ने डॉ. बृंदा राय के शोध कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे समसामयिक और महत्वपूर्ण विषय का चुनाव करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। शोध ग्रंथ में वर्ष 2000 से 2020 तक के तथ्यों का क्रमागत समावेश किया है जो इससे पूर्व किसी एक मंच में उपस्थित नहीं था। बृंदा राय ने बताया कि इस शोध के दौरान प्रसिद्ध लेखक मुहम्मद जाकिर हुसैन की इस्पात नगरी भिलाई के इतिहास पर आधारित किताब ‘वोल्गा से शिवनाथ तक’ से विशेष मदद ली गई। डॉ. बृंदा राय की इस शैक्षणिक व शोध उपलब्धि पर हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति, शोध निर्देशक, पीएचडी सेल प्रमुख, प्राध्यापकों, परिवारजनों और समस्त शुभचिंतकों ने हर्ष जताया है।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.