-गुरुदेव को 50 बेला एवं 5 तेला तपस्या की भेंट दी प्रवेश पर

दुर्ग। राष्ट्र संत मानव मिलन के संस्थापक पूज्य गुरुदेव श्री मणिभद्र मुनि जी महाराज एवं साधु-साध्वी समुदाय का भव्य एवं ऐतिहासिक चातुर्मास प्रवेश रविवार को दुर्ग नगर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर दुर्ग के समस्त जैन समाज के सभी वर्गों एवं संप्रदायों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और गुरुभक्ति का अनुपम परिचय दिया।
ओसवाल पंचायत दुर्ग के आह्वान पर सकल जैन समाज के सभी प्रतिनिधियों ने चातुर्मास प्रवेश यात्रा में सहभागिता निभाई। यात्रा के दौरान नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा तथा श्रद्धालुओं ने जयघोष और मंगल गीतों के साथ गुरुदेव की अगवानी की।
आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गुरुभक्त दुर्ग पहुंचेंगे, जो चातुर्मास के विविध धार्मिक आयोजनों, प्रवचनों एवं आराधना में सहभागिता करेंगे।
गुरुदेव की आगवानी में ओसवाल पंचायत दुर्ग, भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति, जैन मूर्तिपूजक संघ, तेरापंथ परिवार, समता परिवार, सुधर्म परिवार, समर्थ परिवार, शांत क्रांति संघ, दिगंबर जैन पंचायत एवं चातुर्मास समिति सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
तपस्या की अनुपम भेंट
भव्य चातुर्मास प्रवेश के पावन अवसर पर गुरुदेव श्री मणिभद्र मुनि जी महाराज को श्रद्धालुओं द्वारा 55 बेला एवं 5 तेला तपस्या की अनुपम भेंट समर्पित की गई। धर्मचक्र आराधना में सहभागी साधकों द्वारा तेला तपस्या का शुभारंभ 27, 28 एवं 29 जुलाई तथा बेला तपस्या का शुभारंभ 28 एवं 29 जुलाई से किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं के सहभागी बनने जा रहे हैं है। इस तपस्या कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती चंदा रूणवाल,लता छाजेड़ रूचिका बाधमार सहित श्रमण संघ महिला मंडल की सभी सदस्य ने अपना सक्रिय सहयोग दिया।

आवास एवं भोजनशाला समिति हुई सक्रिय चातुर्मास में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के स्वागत-सत्कार हेतु आवास एवं भोजनशाला समिति का गठन कर उसे सक्रिय कर दिया गया है। चातुर्मास प्रवेश के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं के लिए गौतम प्रसादी की उत्कृष्ट व्यवस्था निर्मल जी रतन बोहरा के मार्गदर्शन में की गई।
भोजनशाला व्यवस्था में अजय जी नाहर एवं केवल जी छाजेड़ ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। वहीं आवास व्यवस्था की जिम्मेदारी अशोक रतन बोहरा, विकास चोपड़ा एवं जिनेश वैद्य द्वारा संभाली जा रही है, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक श्रमण संघ ने समस्त श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में धर्म आराधना, तप, प्रवचन एवं सेवा कार्यों में सहभागी बनने का आग्रह किया है तथा इस ऐतिहासिक चातुर्मास को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है।
कार्यक्रम का सफल संचालन मंत्री राकेश संचेती ने किया आज के इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा देश के विभिन्न क्षेत्रों से गुरु भक्त अपने गुरुदेव के दर्शन वंदन और प्रवेश में भाग लेने बड़ी संख्या में दुर्ग पहुंचे थे। आज के आयोजन को सफल बनाने में वर्धमान सेवा मंच श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल श्रवण संघ महिला मंडल श्रवण संघ बालिका मंडल एवं जय आनंद मधुकर पाठशाला के सदस्यों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
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