राजनीति

नारायणपुर जिला प्रशासन की अनूठी पहल- दुर्गम वनांचल गांवों तक ट्रैक्टर से पहुंचाया गया

936090720261445461001545699.jpg

-3 माह का राशन, 151 परिवारों को मिली बड़ी राहत

Image after paragraph


रायपुर।  छत्तीसगढ़ के दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न और पोषण सामग्री पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष रणनीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश है कि राज्य के पहुच विहीन क्षेत्रों में वर्षा व भौगोलिक बाधाओं को पार करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर राशन दुकानें खोलना, ट्रैक्टर के माध्यम से डोर-स्टेप डिलीवरी और मॉनसून से पहले तीन महीने का अग्रिम राशन भंडारण करने के निेर्दश दिए हैं।
          मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में नारायणपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक विशेष और सराहनीय पहल की है। बारिश के मौसम और कठिन रास्तों को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैक्टरों के माध्यम से अंदरूनी गांवों तक तीन माह का खाद्यान्न सुरक्षित पहुंचाया है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित छह गांवों मुरुमवाड़ा, गुडेकोर, दिवालूर, धोबे, बोटेर और हरबेल के राशनकार्डधारी हितग्राहियों को जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह का राशन एक साथ वितरित किया गया।
-6 गांवों के 151 परिवारों को मिला लाभ
         खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम क्षेत्रों में बसे कुल 151 राशनकार्डधारी परिवारों को उनकी निर्धारित मात्रा में तीन महीने का खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है। लाभान्वित गांवों और परिवारों में मुरुमवाड़ा के 98 परिवार, दिवालूर के 32 परिवार, गुडेकोर के 13 परिवार, धोबे के 03 परिवार, हरबेल के 03 परिवार, बोटेर के 02 परिवार शामिल हैं।
-बारिश और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को दी मात
      इन वनांचल गांव घने जंगलों, कच्चे रास्तों और नदी-नालों से घिरे होने के कारण सामान्य दिनों में भी परिवहन के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को राशन के लिए कई किलोमीटर की पैदल और जोखिमभरी यात्रा करनी पड़ती थी। इस समस्या को भांपते हुए जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान राशन सामग्री को सीधे ट्रैक्टर के जरिए गांवों तक भिजवाया, जिससे ग्रामीणों को अपने घर के पास ही राशन मिल गया।
-बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को मिली बड़ी राहत
        खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में अत्यंत पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई। गांव में ही राशन मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस पहल से उनके समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग हितग्राहियों के लिए यह व्यवस्था किसी वरदान से कम नहीं रही, क्योंकि उन्हें अब राशन के लिए कठिन रास्तों से होकर नहीं गुजरना पड़ा।
-अंतिम छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना लक्ष्य
        इस संबंध में जिला प्रशासन का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य जिले के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद परिवार तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है। इसके लिए दुर्गम क्षेत्रों में विशेष परिवहन व्यवस्था की कार्ययोजना पर लगातार काम किया जा रहा है। प्रशासन की इस मुस्तैदी ने यह साबित कर दिया है कि भौगोलिक कठिनाइयां भी जनता तक उनका हक पहुंचाने में बाधा नहीं बन सकतीं।

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Advertisement

ताज़ा समाचार

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

logo.webp

स्वामी / संपादक- पवन देवांगन

- बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल : dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

NEWS LETTER
Social Media

Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.