दुर्ग

नवीन शिक्षा सत्र का शुभारंभ, संस्कार और संस्कृति से जुड़ेंगे विद्यार्थी

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दुर्ग। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में मंगलवार से नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 का शुभारंभ उत्साह और उल्लास के साथ हुआ। शाला प्रवेशोत्सव के अंतर्गत नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। विद्यालयों में पहले ही दिन से राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना एवं गुरुमंत्र के साथ शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत हुई।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित नई दिनचर्या के अनुसार अब प्रदेश के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें राष्ट्रगान के साथ विभिन्न सांस्कृतिक एवं नैतिक गतिविधियां शामिल होंगी। वहीं मध्यान्ह भोजन से पूर्व विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से भोजन मंत्र का उच्चारण किया जाएगा तथा विद्यालय की छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का सामूहिक वाचन कराया जाएगा।
नए शिक्षा सत्र के प्रथम दिवस विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया जा रहा है । इसके साथ ही विद्यार्थियों के नामांकन में वृद्धि तथा उन्हें विद्यालयों से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेशभर में 27 जून तक 12 दिवसीय शाला प्रवेशोत्सव अभियान संचालित किया जा रहा है।
प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में सामूहिक रूप से मंत्रोच्चार, प्रार्थना एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होगा। इससे बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता, सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित होगी।
शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 से प्रदेश के सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों के बौद्धिक, मानसिक एवं सांस्कृतिक विकास को ध्यान में रखते हुए लागू की गई नई व्यवस्था अत्यंत सराहनीय है। उनका मानना है कि सुबह की प्रार्थना में राष्ट्रगान और सरस्वती वंदना, मध्यान्ह भोजन के समय भोजन मंत्र तथा छुट्टी के समय राज्यगीत एवं शांति मंत्र का सामूहिक वाचन विद्यार्थियों को अपनी गौरवशाली संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसके लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।

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