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विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर रायपुर में हेल्पएज राज्य इकाई द्वारा महत्वपूर्ण आयोजन संपन्न

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-जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा के संदर्भ में वृद्धजनों के समक्ष उभरती चुनौतियों पर  हुई सारगर्भित चर्चा 
-विकसित छत्तीसगढ़ 2047 की परिकल्पना को सामूहिक प्रयासों से साकार करें : डॉ के. सुब्रमण्यम

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भिलाई (देवांगन टाइम्स)। विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस (WEAAD) 2026 के अवसर पर  15 जून को हेल्पएज इंडिया द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा के संदर्भ में वृद्धजनों के समक्ष उभरती चुनौतियों पर विशेष रूप से चर्चा कर समुचित समाधान निकालने की पहल की गई। कार्यक्रम में दुर्ग-भिलाई से आइस्कान की राष्ट्रीय संयुक्त सचिव श्रीमती यमला साहू एवं भिलाई वरिष्ठ नागरिक महासंघ के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किए गए थे। 
       दो सत्रों में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं एवं उनके उचित निराकरण हेतु गहन चिंतन किया गया।
    आरंभ में अतिथियों के स्वागत के पश्चात राज्य प्रमुख शुभांकर बिस्वास ने आयोजन के विषय एवं इसके महत्व पर प्रकाश डाला। 
       प्रथम सत्र में आइस्कान की राष्ट्रीय संयुक्त सचिव श्रीमती यमला साहू, भिलाई वरिष्ठ नागरिक महासंघ के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन, निदान के डायरेक्टर डॉ सुरेश शुक्ला, अनमोल फाउंडेशन के डायरेक्टर संजय शर्मा, सीनियर सिटीजन फोरम रायपुर के अध्यक्ष प्रकाश विशेष अतिथि के रूप मंच पर उपस्थित थे। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में विभिन्न रूपों में वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर व्यापक चर्चा की और उसके निराकरण के उपाय बताए। श्रीमती यमला साहू ने कहा कि जनरेशन गैप के कारण आजकल बुजुर्गो के प्रति अपनापन एवं सम्मान में कमी आई है। घनश्याम देवांगन ने कहा कि पहले और अब की जीवन शैली में बहुत अंतर आया है, जिससे आजकल के बच्चों एवं युवाओं में संस्कार में कमी होने के कारण बुजुर्गो की उपेक्षा होती है और उन्हें पर्याप्त सम्मान नहीं मिलता। उन्होंने परिवार में संस्कार की अहमियत बढ़ाने पर जोर दिया। मंचासीन सभी अतिथियों ने इस दिशा में समन्वित प्रयास करने, बुजुर्गों की आवश्यकताओं एवं स्वास्थ्य की समुचित देखभाल पर बल दिया।

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       द्वितीय सत्र में राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमणियम, उप संचालक, स्वास्थ्य विभाग, छत्तीसगढ़ डॉ स्मृति देवांगन, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), रायपुर सीमा भास्कर, माय एफएम रेडियो जॉकी, अनिमेष मिश्रा विशेष अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित थे। 
       मुख्य अतिथि डॉ. के. सुब्रमणियम, सदस्य, राज्य नीति आयोग, ने अपने मुख्य उद्बोधन में समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए "विकसित छत्तीसगढ़ 2047" की परिकल्पना को सामूहिक प्रयासों से साकार करने का आह्वान किया।
       डॉ. स्मृति देवांगन, उप संचालक, स्वास्थ्य विभाग, छत्तीसगढ़, ने सियान संजीवनी केंद्रों के माध्यम से सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।
       श्रीमती सीमा भास्कर, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), रायपुर, ने वृद्धजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु यातायात नियमों के पालन के महत्व को रेखांकित किया, वहीं  अनिमेष मिश्रा, रेडियो जॉकी, माय एफएम, ने सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।
        हेल्पएज इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रोहित प्रसाद ने अपने संदेश में कहा कि "वृद्धजन जलवायु संबंधी आपदाओं से सर्वाधिक प्रभावित होने वाले वर्गों में से हैं। इन चुनौतियों का प्रभाव केवल शारीरिक जोखिमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य, आय और देखभाल व्यवस्था को भी प्रभावित करता है। इसलिए, मजबूत सहयोग तंत्र विकसित करने तथा जलवायु एवं सामाजिक सुरक्षा नीतियों में वृद्धावस्था के मुद्दों को समाहित करना अत्यंत आवश्यक है।"
       इस अवसर पर हेल्पएज इंडिया की राष्ट्रीय रिपोर्ट क्लाइमेट रेजिलिएंट 2026 का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया।
      जलवायु-सक्षम वृद्धावस्था (Climate Resilient Ageing) पर राष्ट्रीय अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष इस प्रकार है -
• यह अध्ययन 10 राज्यों के 2,224 वृद्धजनों पर आधारित था।
• 78 प्रतिशत प्रतिभागियों ने लू, बाढ़ और सूखे जैसी जलवायु आपदाओं का अनुभव किया।
• 60 प्रतिशत ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के दौरान उनका आवास सुरक्षित नहीं था।
• 52 प्रतिशत वृद्धजन आवश्यक दवाइयों का खर्च वहन करने में असमर्थ पाए गए।
• 73 प्रतिशत वृद्धजन देखभाल के लिए अपने परिवार पर निर्भर हैं, जबकि पलायन के कारण पारिवारिक सहयोग तंत्र कमजोर पड़ रहा है।
• अकेले रहने वाले वृद्धजनों में 38 प्रतिशत पड़ोसियों पर निर्भर हैं, जबकि 16 प्रतिशत को किसी प्रकार की देखभाल उपलब्ध नहीं है।
• 49 प्रतिशत वृद्धजन पेंशन पर निर्भर हैं तथा 16 प्रतिशत के पास न तो रोजगार है और न ही आय का कोई नियमित स्रोत।
• केवल 33 प्रतिशत प्रतिभागियों ने समुदाय से निरंतर सहयोग प्राप्त होने की बात कही।
     कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों को हैल्पएज इंडिया की राज्य इकाई की ओर से राज्य प्रमुख शुभारंभ बिस्वास एवं उनकी  टीम के सदस्यों द्वारा पुष्पगुच्छ एवं पौधे भेंटकर सम्मानित किया गया। 
        कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से वरिष्ठ नागरिक संघों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता दिखाई। 
   प्रथम सत्र का संचालन अजय सिंह एवं द्वितीय सत्र का संचालन शुभांकर बिस्वास ने किया।

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