होम / दुर्ग-भिलाई / आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के जन्मोत्सव पर भजन संध्या एवं गुमनाम नायकों का सम्मान
दुर्ग-भिलाई

दुर्ग। आध्यात्मिक गुरु एवं आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी का बुधवार को जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर शाम को भजन संध्या हुई। आर्ट ऑफ लिविंग के अभिनव पहल के तहत अनसंग हीरोज का सम्मान किया गया।
दुर्ग के होटल वाणी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन थे। उनके हाथों समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले गुमनाम नायक सम्मानित हुए। इस अवसर पर श्री बेलचंदन ने कहा कि श्रीश्री के एक विश्व एक परिवार, वसुधैव कुटुम्बकम से समाज को मजबूती मिल रही है। गुमनाम हीरो को पहचान देने संस्था द्वारा नई पहल की गई है। उन्होंने अयोध्या विवाद को सुलझाने में गुरुजी की भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा इस कार्यक्रम में आना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
गुरु के 70वें अवतरण दिवस पर सुबह साधकों ने विश्व प्रसिद्ध सुदर्शन क्रिया की। उसके पश्चात इंदिरा मार्केट में शरबत वितरण किया गया। शाम को गुरु पूजा से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
अनसंग हीरो अवार्ड
दुर्ग में यह अवार्ड व्यवसाय के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ब्लड डोनर फाऊंडेशन के संस्थापक राज आढ़तिया, युवा नेतृत्व के लिए समीक्षा पोद्दार तथा खेल के क्षेत्र में आर्म रेसलर हर्ष खोडियार को सम्मानित किया गया।
सत्संग में भजनों पर झूमे
गुरुजी का जन्मोत्सव होने के कारण अधिकांश भजन गुरु को समर्पित रहे। प्रशिक्षकों ने गुरु ओम-गुरु ओम नमो नमः, अजो अनंताय, नित्याय शुद्धाय, गुरु मात-पिता, गुरु बंधु सखा, मधुबन की लताओं में, विट्ठल माझा के साथ ही गणेश वंदना और शिव भजन गाये।
कार्यक्रम में अपेक्स सदस्य नरेंद्र राठी विशेष रूप से उपस्थित रहे। वरिष्ठ प्रशिक्षक हरजीत सहोता ने दुर्ग भिलाई में आर्ट ऑफ लिविंग की शुरुआत पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि आज दुनिया के 180 देशों में संस्था काम कर रही है। शरीर से मन के स्तर तक स्वस्थ रहने के कोर्स लोगों को सिखाए जा रहें हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एसटीसी अमन बेलचंदन ने आभार व्यक्त किया। संचालन डीटीसी दीनानाथ चंद्राकर ने किया।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.