व्यवहार न्यायालय भिलाई- 03 के कर्मचारियों ने स्व प्रेरणा से की शुरूआत
भिलाई 03 । छत्तीससगढ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिंहा द्वारा राज्य भर में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और न्यायिक प्रशासन के उन्नयन हेतु किए जा रहे अनुकरणीय एवं दुरगामी प्रयासों से प्रेरित होकर माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्ग दर्शन में व्यवहार न्यायालय भिलाई 03 के कर्मचारियों ने एक महत्वपूर्ण पहल की शुरआत की है कर्मचारियों ने स्वप्रेरणा और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना से प्लास्टिक मुक्त न्यायालय परिसर अभियान का शुभारंभ किया ।
यह अभियान न केवल परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि यह व्यवहार न्यायालय भिलाई 03 की पर्यावरण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। इसका मुख्य उददेश्य प्लास्टिक के हानिकारक उपयोग को समाप्त करनां और न्यायालय परिसर को एक स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ कार्य स्थल बनाना है।
अभियान के दौरान न्यायालय परिसर में सभी अधिवक्तओ पक्षकारो को विशेष रूप से प्लास्टिक के एक बार उपयोग (सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले गंभीर पर्यावरणीय खतरो के बारे में विस्तार से समझाया गया सभी हितधारको से प्लास्टिक के थैलो, कपों, पानी की बोतलो और पैकिग सामग्री का उपयोग तत्काल बंद करने की भवनात्मक अपील की गई। उन्हे कपड़े के थैलो, स्टील या कॉच के बर्तनों और अन्य पर्यावरण अनुकूल विकलपों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। न्यायालय के कर्मचारियों ने परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने और इस पहल को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली।
इस अभियान में न्यायिक कर्मचारी नोहर सिह देवागन, विकास कुमार सोनी, खुशबू देवांगन, संजयधर दीवान, अशोक कुमार पटेल, हेमनंदनी सिन्हा, पूजा कन्नौजे, त्रिलोक साहू, रेणुका, रवि रंगारी पुरूषोत्तम लाल सेन कैलाशपति पाण्डे निशा रायजादा एवं अन्य कर्मचारियों का योगदान सराहनीय रहा।
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