होम / दुर्ग-भिलाई / राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर दुर्ग जिले में विशेष ग्राम सभाएं, जल संरक्षण पर नवाचार की पहल
दुर्ग-भिलाई
दुर्ग। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों एवं उनके आश्रित ग्रामों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन सभाओं में ‘नवा तरिया आय के जरिया’, जनगणना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की गई, जिसके चलते ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।
ग्राम सभाओं में पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘संपदा’ ऐप में परिसंपत्तियों का अपलोड, ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के तहत जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन, तथा ‘नवा तरिया आय के जरिया’ जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही जनगणना के लिए स्वयं गणना पत्रक भरने की प्रक्रिया के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
कलेक्टर अभिजीत सिंह द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों के तहत ग्राम सभाओं में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को आमंत्रित कर शासन की योजनाओं की जानकारी साझा की गई। इस दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत लखपति दीदियों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया।
ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जल संरक्षण और आजीविका बढ़ाने के उपायों पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित “मोर गांव मोर पानी महाअभियान” के अंतर्गत एक अभिनव पहल शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत के पंचायत भवन की दीवारों पर गांव के भू-जल स्तर की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है, जिससे ग्रामीण अपने क्षेत्र के जलस्तर से अवगत हो सकें।
‘जल-दूत’ मोबाइल ऐप के माध्यम से जलस्तर से जुड़े आंकड़े एकत्र कर पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं और दीवार लेखन कार्य भी किया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीणों में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।
ग्राम पंचायत रसमड़ा में आयोजित ग्राम सभा में भी ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दौरान सरपंच श्रीमती मोतीराम निषाद, उपसरपंच बलकिशन निषाद, पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्राप्त है। प्रत्येक वर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक भाग लेकर योजनाओं का लाभ उठाएं और गांव के विकास में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
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