-प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
दुर्ग। भारतीय मजदूर संघ का 21वां अखिल भारतीय त्रैवार्षिक तीन दिवसीय अधिवेशन 6, 7 एवं 8 फरवरी 2026 को पुरी (भगवान जगन्नाथ धाम) में संपन्न हुआ। अधिवेशन में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने श्रमिकों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर गहन चर्चा की तथा सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
अधिवेशन से पूर्व भारतीय मजदूर संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मंत्री से मुलाकात कर विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा था। मंत्री द्वारा शीघ्र समाधान का भरोसा दिए जाने के बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से 25 फरवरी 2026 को देशभर में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया।
प्रधानमंत्री के नाम प्रमुख मांगें ...
सभी सेक्टरों के श्रमिकों पर श्रम कानून बिना किसी छूट के समान रूप से लागू किए जाएं।
इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020 एवं ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020 में श्रमिक चिंताओं का समाधान किया जाए।
त्रिपक्षीय तंत्र का पुनरुद्धार कर इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस शीघ्र आयोजित की जाए।
EPS-95 में न्यूनतम पेंशन ₹1000 से बढ़ाकर ₹7500 प्रतिमाह महंगाई राहत सहित की जाए।
EPF वेतन सीमा ₹15000 से बढ़ाकर ₹30000 तथा ESIC सीमा ₹21000 से बढ़ाकर ₹42000 की जाए।
बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के तहत पात्रता व गणना सीमा में वृद्धि की जाए।
संविधान की भावना के अनुरूप स्कीम वर्कर एवं ठेका श्रमिकों को स्थायी किया जाए।
आम भर्ती पर लगी रोक हटाकर गारंटीड रोजगार सुनिश्चित किया जाए।
-मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के नाम प्रमुख मांगें ...
सभी उद्योगों में यूनियन के साथ वेतन समझौता लागू हो।
रात्रि पाली, आवास एवं वाहन भत्ता दिया जाए।
ठेका श्रमिकों को वैतनिक साप्ताहिक अवकाश मिले।
औद्योगिक क्षेत्रों को सर्वसुविधायुक्त एवं प्रदूषण मुक्त बनाया जाए, साथ ही हॉस्टल निर्माण हो।
ई-रिक्शा चालकों के लिए स्टैंड व चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
निजी अस्पतालों के नर्सिंग व अन्य स्टाफ के लिए वेतनमान, लंच व टी टाइम तय किया जाए।
निजी विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित वेतनमान मिले।
औद्योगिक व ट्रांसपोर्ट क्षेत्रों में ड्राइवरों के लिए रैन बसेरा, कैंटीन व रेस्ट रूम का निर्माण हो।
भवन निर्माण मजदूर संघ को नियोजन प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार पुनः बहाल किया जाए।
प्राइवेट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन किया जाए।
सड़क सुरक्षा समितियों में प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के प्रतिनिधि को शामिल किया जाए।
नगरीय निकायों में 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व पदोन्नति की मांग।
-धरना, रैली और ज्ञापन
अखिल भारतीय अधिवेशन में तय दिशानिर्देशों के अनुरूप भारतीय मजदूर संघ जिला दुर्ग एवं संबद्ध यूनियनों द्वारा पुराना बस स्टैंड में धरना दिया गया, जिसके पश्चात कलेक्टरेट तक रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया।
कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री दिनेश पांडे, जिला मंत्री हरिशंकर चतुर्वेदी, जिला अध्यक्ष मिथिलेश विश्वकर्मा, रवि चौधरी, स्वायत्तशासी कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री अनिल सिंह, संजय मिश्रा, शशि यादव, ईश्वर वर्मा, दुर्गेश गुप्ता, शशि भूषण मोहंती, राजू बक्शी, साक्षी वर्मा, चित्रलेखा चंद्रकार, चंचल राजपूत, सूरज सारथी, दामिनी भुवाल, अनिता, वसुंधरा चौरे, देवेंद्र चंद्राकर, बी.एस. राजपूत, शिवेंद्र दुबे, रवि शंकर सिंह, अशोक देवांगन, रामवृक्ष यादव, गोपाल सिन्हा, विवेका रंगनाथ, नलनीश मिश्रा, वाल्मीकि सिंह सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे। भारतीय मजदूर संघ ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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