होम / दुर्ग-भिलाई / नाबालिग से दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में 07 आरोपी गिरफ्तार, दो ने न्यायालय में किया समर्पण
दुर्ग-भिलाई
दुर्ग। नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर प्रकरण में दुर्ग पुलिस द्वारा निरंतर कार्यवाही करते हुए अब तक कुल 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की सतत दबिश और बढ़ते दबाव के चलते दो फरार आरोपियों ने न्यायालय में समर्पण किया, जिन्हें पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 30 जनवरी 2026 को पीड़िता ने अपनी माता के साथ महिला थाना दुर्ग में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में उल्लेख किया गया कि अप्रैल 2018 से अक्टूबर 2025 के बीच, पीड़िता के नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद विभिन्न आरोपियों द्वारा उसके साथ दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं की गईं।
आवेदन के आधार पर महिला थाना दुर्ग में अपराध क्रमांक 10/2026 पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 70(1), 70(2), 351(3), 61(2), भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(n), 376(DA), पॉक्सो एक्ट की धारा 6 एवं 12 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान पूर्व में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं फरार आरोपी संजय पंडित एवं बी.एन. पांडेय ने दिनांक 13 फरवरी 2026 को न्यायालय में समर्पण किया। न्यायालय से दो दिवस का पुलिस रिमांड प्राप्त कर उनसे विस्तृत पूछताछ जारी है।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी अमित वर्मा ने अपना पहचान दस्तावेज उपलब्ध कराकर अपने नाम से कक्ष बुक कराया था, जिससे मुख्य आरोपी को अपराध करने में सहयोग मिला। इस आधार पर अमित वर्मा को 12 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपियों में विजय स्वाइन (37 वर्ष), अनिल चौधरी (60 वर्ष), गोविंद सिंह नागवंशी (62 वर्ष), कृपा शंकर उर्फ राजू कश्यप (58 वर्ष), अमित वर्मा (47 वर्ष), संजय पंडित (42 वर्ष) एवं बी.एन. पांडेय (65 वर्ष) शामिल हैं।
प्रकरण में अब तक कुल 07 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मामले की विवेचना जारी है तथा विभिन्न स्थानों, जिला दुर्ग में घटनास्थलों की जांच की जा रही है।
विवेचना में महिला थाना दुर्ग एवं एसीसीयू दुर्ग की टीम की सराहनीय भूमिका रही है, जिन्होंने तकनीकी विश्लेषण एवं सतत दबिश के माध्यम से आरोपियों को गिरफ्त में लिया।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे गंभीर अपराधों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पीड़ितों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है तथा अपराध में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
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