दुर्ग-भिलाई

आर सी एच पोर्टल 2.0 से परेशान हो रहा स्वास्थ्य अमला, सरलीकृत करने उठी मांग

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-छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ महामंत्री ने शासन के समक्ष उठाई मांग
भिलाई।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने भारत सरकार लोक स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय व छत्तीसगढ़ सरकार लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हेल्थ (आर सी एच) पोर्टल 2.0 को सरलीकृत करने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने इस संदर्भ में कहा कि पूर्व से प्रचलित आर सी एच पोर्टल 1.0 में फील्ड के स्वास्थ्य कर्मचारी सेवा देने के पश्चात गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण की सम्पूर्ण जानकारी की ऑनलाइन एंट्री करते थे। जिससे विभाग के आला अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जाती थी।
 यहां गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग,ड्यू लिस्ट, ड्रॉप आउट शिशुओं की जानकारी व छूटी हुई गर्भवती महिलाओं का ट्रैकिंग, प्रसव की अद्यतन जानकारी होती थी। उन्होंने कहा कि जो स्वास्थ्य कर्मचारी यह सेवाएं देते हैं और जो स्वास्थ्य पर्यवेक्षक इसकी निगरानी करते हैं, वो इनकी व्यवहारिक कठिनाई और वास्तविक स्थिति से परिचित होते हैं। इसके लिए अनमोल एप भी बनाया गया था।
जिससे स्वास्थ्य कर्मचारी इसमें धीरे-धीरे परम्परागत रूप से प्रशिक्षित हो गये थे। लेकिन अब आर सी एच पोर्टल 2.0 लॉन्च किया गया है। जिसमें कई व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं ने पोर्टल में जानकारी बनाई, उन्हें चाहिए था कि फील्ड में सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों , समीक्षा करने वाले अमले स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, एल एच व्ही और बी ईटीओ से इस संबंध में आवश्यक सुझाव और होने वाले कठिनाई को ध्यान में रखते।
महामंत्री सैयद असलम ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में स्वास्थ्य अमले को इसके लिए मास्टर ट्रेनर व उच्च प्रशिक्षित लोगों से प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। मंगलवार और शुक्रवार को निर्धारित संवर्ग के हितग्राहियों को सेवाएं प्रदान उसके बाद उसे ऑन लाइन पोर्टल में एंट्री करना और पोर्टल पर होने वाली व्यवहारिक कठिनाई से कर्मचारी मानसिक तनाव में आ जाते हैं। क्योंकि विभाग द्वारा बार बार लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धियां क्यों पूर्ण नहीं हो रही है, इसका सवाल करने पर पोर्टल और एप बनाने वाली मल्टी कंपनी जिम्मेदार है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में आर सी एच पोर्टल 2.0 में हितग्राहियों की जानकारी भरने पर कई कठिनाइयां सामने आ रही है। विवरण में बिंदुवार जानकारी के कई कॉलम को भरना होता है। पोर्टल में कुछ जानकारी भरने के बाद आगे प्रोसेस नहीं होता है। उन्होंने कहा कि माता और शिशु की ढेर सारी जानकारी को संकलित करने सरलीकृत पोर्टल और वेब बनाने चाहिए।
वहीं स्वास्थ्य कर्मचारियों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में लैपटॉप तथा पर्यवेक्षक और बी ई ई टी को सेक्टर स्तर की समीक्षा के लिए लैपटॉप व प्रोजेक्टर दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भारत सरकार,लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को गंभीरता से इस विषय पर इन सेवाओं को देने वाले स्वास्थ्य कर्मचारी को रायशुमारी लेकर पोर्टल में सुधार कर सरलीकृत संस्करण पोर्टल बनाने की जरूरत है, जिससे प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र का डाटा ऑन लाइन पोर्टल पर अपलोड किया जा सके और प्रत्येक गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य समीक्षा, ट्रेकिंग कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हितग्राहियों को दी जा सके।

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