भिलाई। आंतर्जातिक पुस्तक मेला, कोलकाता में इस्पात नगरी भिलाई के साहित्यकारों की कृतियों का विमोचन किया गया। मधुसूदन सभागार, विवेकानंद रोड, कोलकाता में ज्ञानदा प्रकाशन के आमंत्रण पर भिलाई से पहुंचे कवि, लेखक पल्लव चटर्जी, गोबिंद पाल , प्रकाश चन्द्र मण्डल व मध्य वलय के सम्पादक दुलाल समाद्दार और श्रीमती बेबी हालदार का सम्मान करते हुए विमल माइती ने इसे अविस्मरणीय समागम कहा।
इसके पूर्व आंतर्जातिक साहित्यकार श्रीमती बेबी हालदार के हाथों से पुस्तक पल्लव चटर्जी की बंग्ला कविता 'समयेर अनुभूति' , प्रकाश चंद्र मंडल की 'एखोनो अनेकटा पथ बाकि' तथा गोबिंद पाल की 'निर्वाचित श्रेष्ठ बंगला कविता पुस्तक का विमोचन हुआ। सभा के अंत में प्रकाश ने आयोजक विमल माइती का भिलाई से आते पहुंचे सभी कवियों लेखकों, साहित्यकारों के तरफ से इस सफल आयोजन हेतु आभार प्रकट किया। पल्लव चटर्जी ने उन्हें भिलाई आने का निमंत्रण दिया। यहां दुर्वासा स्टाल पर पल्लव चटर्जी की किताब 'समयेर अनुभूति', दीपाली दासगुप्ता की 'आलो -आंधार'और दुलाल समाद्दार की "निर्वाचित कविता" को पाठक वर्ग के लिए खास तौर पर प्रदर्शित किया गया।
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