-30 को होगी सांस्कृतिक संध्या और ड्रोन शो, 31 को अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन: 15 लाख का पुरस्कार
-पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन के लिए जागरूकता दौड़ का आयोजन किया गया
दुर्ग। अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 31 जनवरी को आयोजित होने वाले इस भव्य आयोजन से पहले पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में जागरूकता दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौड़ को विद्यालय के प्राचार्य उमाशंकर मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और शांति, अहिंसा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि युवा पीढ़ी समाज में सकारात्मक बदलाव और शांति के संदेश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर प्राचार्य उमाशंकर मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शांति, एकता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है तथा अबूझमाड़ जैसे ऐतिहासिक व सांस्कृतिक क्षेत्र को वैश्विक पहचान मिलती है। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित डॉ. अजय ने कहा कि 30 जनवरी, जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है, उसी दिन शांति और अहिंसा के संदेश को सशक्त करने के उद्देश्य से सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कला, संस्कृति, जनजातीय नृत्य, संगीत के साथ-साथ आधुनिक तकनीक आधारित ड्रोन शो आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो शांति और विकास के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र, जिसे कभी अशांति और हिंसा से जोड़कर देखा जाता था, आज सरकार, समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से शांति, विकास और विश्वास का प्रतीक बनकर उभर रहा है।
आयोजकों ने बताया कि 31 जनवरी को सुबह 6:00 बजे अबूझमाड़, नारायणपुर में 21 किलोमीटर की अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का आयोजन किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की मैराथन का उद्देश्य अबूझमाड़ क्षेत्र और उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाना, पर्यटन को बढ़ावा देना तथा शांति और अहिंसा का वैश्विक संदेश देना है। प्रतिभागियों की संख्या की दृष्टि से यह मैराथन छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी मैराथन के रूप में जानी जा रही है। गत वर्ष इस आयोजन के लिए 12,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय धावकों ने भाग लिया। वहीं, इस वर्ष अब तक 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय धावक अपना पंजीकरण करा चुके हैं, जिससे इस मैराथन की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता स्पष्ट होती है। केंद्रीय विद्यालय की ओर से क्रीड़ा शिक्षक सुरेश कुमार एवं प्रधानाध्यापक कमल सोनी के साथ रामाशीष चौहान, नीता दास सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने इस जागरूकता दौड़ में भाग लेकर समाज को शांति, स्वास्थ्य और सद्भाव का संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि इस भव्य आयोजन का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन, सेल (SAIL) एवं निको (NECO) के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजकों ने केंद्रीय विद्यालय दुर्ग के प्राचार्य उमाशंकर मिश्र एवं डॉ. अजय को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भी प्रदान किया। अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन आज केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन बनता जा रहा है, जो शांति, विकास और संस्कृति के माध्यम से अबूझमाड़ को विश्व मानचित्र पर एक नई और सकारात्मक पहचान दिलाने का कार्य कर रहा है।
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