-8 दिसंबर से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा – “मोर गांव–मोर पानी” बना जन-आंदोलन
दुर्ग। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में “मोर गांव–मोर पानी” अभियान के तहत दुर्ग जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने हेतु 08 दिसंबर 2025 को जिलेभर में व्यापक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए जिले में रिकॉर्ड स्तर पर सोक पिट निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
-कातरों ग्राम में जल संरक्षण महा-अभियान
ग्राम पंचायत कातरों में “एकेच गोठ–एकेच बानी, बचाना है बूंद-बूंद पानी” थीम पर सोक पिट निर्माण कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विधायक ललित चंद्राकर, जिला पंचायत सीईओ बजरंग दुबे, एवं जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ रूपेश पांडे उपस्थित रहे। PMAY आवासों, NRLM की महिला समूहों तथा स्कूल परिसरों में स्व-प्रेरणा से सोक पिट निर्माण किया गया।
-महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भूमिका ..
रुचिका, सत्यम, जीविका, उज्ज्वला, सखी सहेली, वैष्णवी SHG सहित कई समूहों ने स्वयं प्रेरित होकर सोक पिट निर्माण में भागीदारी निभाई।
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों द्वारा निर्माण गिरधारी यादव, मनीराम पटेल, हरभजन सिंह धनखड़, राजेंद्र साहू, कमलेश्वरी बाई एवं गुलाबचंद मेहर ने भी अपने आवासों में सोक पिट का निर्माण किया।

-जिले में सोक पिट निर्माण का रिकॉर्ड ..
PMAY–G के 4312 आवासों में सोक पिट निर्माण जारी
जनपद धमधा – 2115
जनपद दुर्ग – 942
जनपद पाटन – 1255
1105 ग्रामीण स्कूल परिसरों में सोक पिट निर्मित
SHG सदस्यों द्वारा 5000 से अधिक सोक पिट घरों एवं परिसरों में तैयार
ये संरचनाएँ वर्षा जल को धरातल में समाहित कर भू-जल स्तर बढ़ाने में अत्यंत प्रभावी साबित हो रही हैं।
समन्वित प्रयासों से मिला विस्तार...
ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के संयुक्त प्रयासों से जिले में जल संरक्षण को नई दिशा मिली है।
जिला पंचायत सीईओ बजरंग दुबे ने बताया कि सभी जनपद पंचायतों में सोक पिट निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे लगभग कुल 10000 सोक पीट निर्माण किया गया जिसकी अनुमानित राशि चार करोड़ हो सकती थी जिला दुर्ग में इसे स्वप्रेरणा से निर्माण किया गया वर्षा जल संचयन व भू-जल रिचार्ज में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह पहल जिले की जल सुरक्षा एवं संसाधन प्रबंधन को मजबूत करती है।
अभियान का व्यापक प्रभाव
स्थानीय जल उपलब्धता में सुधार शुष्क अवधि में जल संकट में कमी कृषि के लिए मिट्टी की नमी में वृद्धि पर्यावरणीय संतुलन में सुधार
दीर्घकालिक जल-सततता सुनिश्चित होगा ..
“मोर गांव–मोर पानी” अभियान जिले में जल संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बनाकर भविष्य के लिए सुरक्षित जल संसाधन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
संपादक- पवन देवांगन
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