-वृक्ष ही हैं प्रकृति का श्रृंगार : राजेश किन्हेकर
-संस्कृत में है, प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा
-प्रार्थना सभा के संपूर्ण कार्यक्रम संस्कृत में किए गए
भिलाई। कृष्णा पब्लिक स्कूल सुंदर नगर में प्रकृति दिवस समारोह पूर्वक आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रार्थना सभा के सभी कार्यक्रम संस्कृत में प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का निर्देशक संस्कृत शिक्षिका रेखा पंड्या ने किया।
छात्र-छात्राओं में संस्कृत में प्रार्थना सभा का संचालनकिया। श्लोक पाठ मंत्र पाठ वंदना एवं संस्कृति नाटिका प्रस्तुत की गई।
प्राचार्य राजेश किन्हेकर ने छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति को सराहा। उन्होंने कहा- संस्कृत और संस्कृति परस्पर जुड़ी हुई है भारतीय संस्कृति में वृक्षों को महत्व दिया गया है। वृक्ष हमारे प्रकृति का श्रृंगार हैं। वृक्ष प्राण वायु देते हैं। संस्कृत में प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा विद्यमान है।

रेखा पंड्या ने संस्कृत नाटिका के माध्यम से संदेश दिया कि पेड़ों को नहीं काटना चाहिए पेड़ हमें प्राण देते हैं। पेड़ों से सिर्फ कचरा नहीं होता अपितु औषधी वनस्पती फल फूल आदि मिलते हैं। प्रकृति को हमें माता मानकर उसकी सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए।
वरेण्य , रेयांश , उन्नति ,अर्चना अपूर्वा आंचल अमृत वारिणी, लिपिक कृतिका, सारणी, मनमीत आदि ने प्रार्थना सभा में संस्कृत भाषा के माध्यम से कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
उप प्रधानाचार्य श्रीमती माया मिश्रा ने कहा कि संस्कृत सुनने में अच्छी है। संस्कृत भाषा मन को छूती है। प्रवीण सर ने छात्रों को उत्साहित किया।
मीना रेड्डी,पूजा मिश्रा, अवंती दास, संध्या राठौड़, जिनी जोन, बरखा तिवारी सत्य कुमारी, विवाह श्रीवास्तव ,अफरोज आदि ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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