-महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के 200 वीं जयंती एवं आर्य समाज स्थापना के 150वें वर्ष पर 200 कुंडीय महायज्ञ का 51000 आहुतियां से पूर्ण हुआ यज्ञ
-आर्य समाज ने देश का गौरव बढ़ाया है: विष्णु देव साय
-मुझे गर्व है कि मैं आर्य समाजी हूं: महामहिम आचार्य डॉ. देवव्रत
रायपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम के विशाल प्रांगण में 200 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया गया। प्रातः 7:00 बजे से ही श्रद्धालु यजमानों का आना शुरू हो गया था। गुरुकुल के वेद पाठी ब्रह्मचारियों ने मंत्र पाठ किया। आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय वेद कथाकार के नेतृत्व में यह 200 कुंडीय धर्म रक्षा महायज्ञ संपन्न हुआ।
समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि दान को छाप कर नहीं छिपा कर देना चाहिए। दान व्यक्ति को स्वर्ग अर्थात सुख देता है। छपा हुआ दान आपको व्यक्तिगत प्रतिष्ठा देगा लेकिन धर्म और पुण्य के भाव को कम कर देगा। बहुत से लोग दुनिया में ऐसे हैं जो संतान से दुखी हैं बहुत से लोग संतान के लिए दुखी हैं, बहुत से लोग धन से दुखी हैं बहुत से लोग धन के लिए दुखी हैं बहुत से लोग मकान से दुखी हैं बहुत से लोग मकान के लिए दुखी हैं। धर्म कहता है पुरुषार्थ करो। ईश्वर के प्रति समर्पण भाव रखने से व्यक्ति यज्ञ शील बन जाता है।

गुजरात के महामहिम राज्यपाल आचार्य डॉ.देवव्रत ने प्राकृतिक खेती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गाय को गौशाला में नहीं रखना चाहिए वह किसान के खूंटे से बांधनी चाहिए । खूंटे से बंधी गाय ऐसी है जैसे वृद्ध आश्रम में रहने वाले वृद्ध। डा देवव्रत का स्वागत रामकुमार पटेल, अवनी भूषण पुरंग ,जगबंधु शास्त्री आदि ने किया। महामहिम राज्यपाल ने पवित्र यज्ञ वेदी में आहुति प्रदान की। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने गांव की रक्षा और कृषि आदि पर अपना व्यापक दृष्टिकोण रखा है। गाय गौ माता की जय बोलने से नहीं बचेगी। गाय को पालना पड़ेगा और गाय जिस दिन लाभदायक बन जाएगी उस दिन उसका पालन आरंभ होगा। मेरे यहां भी 18 किलो दूध देने वाली देसी गाय है। हम रिसर्च कर रहे हैं कि इसे कैसे 25 किलो तक पहुंचा दे। जैविक कृषि एवं प्राकृतिक कृषि में बहुत अंतर है।
आचार्य डॉक्टर अजय आर्य ने कहा जिसे स्वर्ग अर्थात सुख की इच्छा है उसे यज्ञ करना चाहिए। आचार्य विप्र जीवनी सभा को संबोधित किया।
आर्य समाज ने वक्फ बिल पर आए भारत सरकार के कानून का समर्थन किया। आर्य समाज के 3000 से अधिक जनप्रतिनिधियों ने बंगाल के मुर्शिदाबाद में हो रहे हिंदु हिंसा में सरकार के कड़े कदम का आह्वान किया है। दिल्ली के महामंत्री विनय आर्य के नेतृत्व में 3000 आर्य प्रतिनिधियों ने भारत सरकार से हिंदू सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा -आर्य समाज के विचार संसार को सत्य अहिंसा और सेवा का मार्ग दिखा रहे हैं। मैं 1999 में आर्य समाज के संपर्क में आया था। आज के इस महासम्मेलन में पधारे हुए सभी अतिथियों का मैं स्वागत करता हूं। स्वामी दयानंद एक महान विचारक चिंतक थे। उनके विचार और सत्यार्थ प्रकाश आज भी लाखों करोड़ों लोगों को सत्य का मार्ग दिखा रहे हैं।
आर्य समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री द्वारा आर्य समाज के विभिन्न कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कैप्टन रूद्र सेन सिंधु, सौरव जोशी के प्रधान सर्वदेशिक के प्रधान सुरेश चंद, राजेंद्र विद्यालंकार, जीवर्धन शास्त्री, आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री, आचार्य राकेश, रूपनारायण सिन्हा अध्यक्ष योग आयोग आदि ने अपने विचार रखें। भजन उपदेश के कर्मठ ने भाव विभोर करने वाले भजन प्रस्तुत किए। इस दौरान आर्य समाज के गौरव और स्वामी दयानंद के योगदान को प्रदर्शित करते हुए छात्र-छात्राओं ने नाटक प्रस्तुत किया। आर्यवीर दल के 500 से अधिक आर्य वीरों ने व्यायाम प्रदर्शन एवं लाठी भाला चलकर दिखाए। कार्यक्रम के दौरान यज्ञ में हजारों लोगों ने आहुति थी। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल, राजस्थान, पंजाब आदि प्रदेशों से हजारों लोगों ने इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दी।
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