धोखाधड़ी को अब 420 नहीं,316 से जानेंगें,हत्या के आरोपी को 302 में नहीं अब 101 के तहत जेल भेजा जायेगा...

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RO No.12822/158

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-कलेक्टर एवं एसपी के उपस्थिति में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र रूद्री में कार्यशाला आयोजित कर नये कानून के संबंध में की गई चर्चा
- कार्यशाला में जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक,जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण एवं भारी संख्या में गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
-कलेक्टर एवं एसपी द्वारा उपस्थित जनसमूह को नये कानून के संबंध में दी गई विस्तृत जानकारी
- 01 जुलाई 2024 से सभी थानों में नये कानून लागू होने पर उत्सव के रूप में मनाया जावेगा
धमतरी। 29 जून 2024 को पुलिस प्रशिक्षण केंद्र कंपोजिट बिल्डिंग रूद्री में आयोजित कार्यशाला में देशभर में 1 जुलाई 2024 से 03 नए आपराधिक कानून लागू होने जा रहे हैं। तीन नए आपराधिक कानूनों में 1-भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम(बीएसएस) 2023 को लेकर कलेक्टर धमतरी सुश्री नम्रता गांधी एवं पुलिस अधीक्षक धमतरी आंजनेय वार्ष्णेय एवं अन्य पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुक्रम में धमतरी पुलिस द्वारा जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय महत्वपूर्ण कार्यशाला एवं  का आयोजन किया गया। इस दौरान भारी संख्या संख्या में नागरिकगण, व्यापारीगण आम जनता उपस्थित रहे। 
पुलिस अधीक्षक धमतरी द्वारा रक्षित केन्द्र धमतरी में उपस्थित नागरिकगण, व्यापारीगण एवं जनसमूह को संबोधित करते हुये उन्हें नये महिला सुरक्षा कानून पर विस्तृत एवं बारीकी से जानकारी देते हुये कहा कि नये कानून में अब धारा 68, 69 के तहत् पहचान छिपाकर शादी करना या शादी का झूठा वादा कर यौन कृत्य करने को जघन्य अपराध की श्रेणी में रखा गया है, धारा 70 के तहत् सभी प्रकार के सामुहिक दुष्कर्म के लिये 20 वर्ष या आजीवन कारावास का प्रावधान है,धारा 89 के तहत् महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराने पर आजीवन कारावास से दंडित किये जाने का प्रावधान है। 

कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को बताया कि 01 जुलाई से लागु हो रही नई संहिताएं आधुनिक समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में स्पष्टता और निष्पक्षता आती है। यह संहिता नागरिकों को सरकारी तंत्र के किसी भी दुरुपयोग से बचाने के लिए कानूनी संरक्षण प्रदान करती है। 
नवीन कानून की अवश्यकता एवं अपरिहार्यता के सम्बन्ध में अपना व्याख्यान दिया।
 जिसमे उन्होंने नवीन आपराधिक कानूनों में जोड़े गए नई धाराओं, पुराने कानून से हटाई गई धाराओं एवं आवश्यक परिवर्तनो की विस्तृत रूप से जानकारी दी। 
अपने व्याख्यान में उन्होंने बताया कि नए कानून हमारे देश की विधिक प्रणाली को आधुनिक, समसामयिक और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन संहिताओं के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता, त्वरितता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकती है। इनकी आवश्यकता और अपरिहार्यता स्पष्ट है, क्योंकि यह न केवल कानून के शासन को मजबूत बनाती हैं बल्कि समाज में न्याय, सुरक्षा और विकास को भी प्रोत्साहित करती हैं। 
कार्यक्रम को कलेक्टर धमतरी सुश्री नम्रता गांधी द्वारा संबोधित कर कहा गया कि नए कानून न्याय को सरल बनाएंगे लोगों को कानूनी रूप से सशक्त बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक धमतरी ने अपने उद्बोधन में बताया कि नए कानूनों के माध्यम से नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। महिला सुरक्षा, बच्चों की सुरक्षा, लैंगिक समानता, हत्या का प्रयास, संगठित अपराध के संबंध में बारीकी से जानकारी देकर उनकी सजा के संबंध में बताया गया। 
 उक्त जनाजागरूकता कार्यशाला में कलेक्टर धमतरी सुश्री नम्रता गांधी, पुलिस अधीक्षक धमतरी  आंजनेय वार्ष्णेय,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक,डीएसपी. भावेश साव,रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित शहर के सभी बड़े प्रतिष्ठान के संचालक,चेम्बर ऑफ कामर्स, राईस मिलर्स संघ,मेडिकल एशोसिएशन, परिवहन संघ,सेलून संघ,शांति समिति के सदस्य, स्वयं सेवी संस्था,प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।