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भिलाई टाउनशिप को निजी हाथों में सौंपने की आशंका, शहर की बदहाली पर ज्ञानचंद जैन ने उठाए सवाल

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-सड़क, सफाई, विद्युत व्यवस्था, अतिक्रमण और जर्जर भवनों को लेकर बीएसपी प्रबंधन पर साधा निशाना
भिलाई।
भिलाई टाउनशिप की बदहाल होती व्यवस्थाओं को लेकर ज्ञानचंद जैन ने भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि आने वाले समय में भिलाई इस्पात संयंत्र नहीं, बल्कि भिलाई टाउनशिप का क्षेत्र निजी हाथों में सौंपा जा सकता है। उन्होंने प्रबंधन को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनकी आशंका निराधार है, तो जिम्मेदार अधिकारी सामने आकर इसका खंडन करें।
ज्ञानचंद जैन ने आरोप लगाया कि भिलाई टाउनशिप की व्यवस्थाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं। उनका कहना है कि यदि टाउनशिप को निजी हाथों में सौंपने की कोई योजना नहीं है, तो करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की व्यवस्था में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि शहर की बुनियादी सुविधाओं को बदहाल होने देने के बाद भविष्य में इसे निजी हाथों में सौंपने का रास्ता तैयार किया जा सकता है।
-सफाई और अतिक्रमण पर उठाए सवाल
जैन ने कहा कि शहर की सड़कों के किनारे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों में अतिक्रमण बढ़ने से सार्वजनिक स्थानों की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की हरियाली का उचित रखरखाव नहीं होने के कारण कई स्थानों पर झाड़ियां और सड़क किनारे उगी लंबी घास दिखाई दे रही है। इससे टाउनशिप की सुंदरता और स्वच्छता प्रभावित हो रही है।
-विद्युत व्यवस्था और सड़कों की स्थिति पर चिंता
उन्होंने टाउनशिप की सड़क और विद्युत व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। जैन के अनुसार, सड़क किनारे लगाई गई लाइटें खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की बेहतर गुणवत्ता वाली विद्युत व्यवस्था की जगह अब अपेक्षाकृत कमजोर व्यवस्था दिखाई दे रही है। उन्होंने प्रबंधन से शहर की सड़कों, प्रकाश व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के रखरखाव पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की।
-स्कूलों और सार्वजनिक भवनों की बदहाली पर सवाल
ज्ञानचंद जैन ने भिलाई इस्पात संयंत्र के स्कूलों और सार्वजनिक भवनों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि इन भवनों का समय पर रखरखाव क्यों नहीं किया जा रहा है और उन्हें जर्जर अवस्था में पहुंचने से बचाने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि भवनों और सार्वजनिक सुविधाओं की उपेक्षा जारी रही, तो भविष्य में इन्हें निजी हाथों में सौंपने की स्थिति बन सकती है। हालांकि, टाउनशिप को निजी हाथों में सौंपने की किसी आधिकारिक योजना की पुष्टि उन्होंने अपने बयान में प्रस्तुत नहीं की।
-प्रशासनिक व्यवस्था पर भी लगाए आरोप
जैन ने शहर की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों और कर्मचारियों के स्तर पर कथित कमीशनखोरी के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में कुछ अच्छे अधिकारी भी काम करने की इच्छाशक्ति खोकर बैठ जाते हैं। उन्होंने संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों से इन आरोपों और सवालों पर सामने आकर स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि रिसाली और भिलाई नगर निगम क्षेत्र में भी नागरिक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर ऐसी ही समस्याएं दिखाई दे रही हैं। उनके अनुसार, शहर की सड़कों, सफाई, हरियाली, विद्युत व्यवस्था और सार्वजनिक भवनों की स्थिति में सुधार की आवश्यकता है।
ज्ञानचंद जैन ने संबंधित अधिकारियों से टाउनशिप की मौजूदा स्थिति पर जवाब देने और नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शहर की बदहाली को दूर करना और भिलाई की पहचान एवं व्यवस्थाओं को बनाए रखना संबंधित प्रबंधन और प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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