दुर्ग। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान उपार्जन के लिए संयुक्त खातेदार किसानों के एग्रीस्टेक पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त किए जाने पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस निर्णय को किसानों के हित में महत्वपूर्ण और व्यवहारिक कठिनाइयों को दूर करने वाला कदम बताया।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 5 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में संयुक्त खाते से धान विक्रय के लिए अब केवल लम्बरदार का एग्रीस्टेक पंजीयन आवश्यक होगा। संयुक्त खाते के अन्य सह-खातेदारों के लिए पृथक एग्रीस्टेक पंजीयन कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
प्रीतपाल बेलचंदन ने कहा कि एग्रीस्टेक पंजीयन को लेकर किसानों को व्यवहारिक स्तर पर कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। शासन के इस निर्णय से संयुक्त खातेदार किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और धान विक्रय की प्रक्रिया अधिक सरल एवं सुगम होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए किसान हितैषी निर्णय ले रही है। संयुक्त खातेदारों के एग्रीस्टेक पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त करना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बेलचंदन ने सहकारिता परिवार एवं किसानों की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्णय से धान उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिलेगी। उन्होंने किसान हित में लिए गए इस निर्णय के लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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