रायपुर

आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी दे रहे बढ़ावा - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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-रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक, आपका रक्त किसी जरूरतमंद को दे सकता है नया जीवन : मुख्यमंत्री श्री साय
-सेवा संकल्प अभियान के तहत आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय
-एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की ऐतिहासिक पहल गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज
-3600 से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीयन, रक्तदान के लिए लगाए गए 200 बेड
-प्रोजेक्ट दधीचि के तहत 31 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प, पद्मश्री एवं विधायक अनुज शर्मा भी बने सहभागी
-बुक, टॉय और स्टेशनरी कलेक्शन के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंच रही सेवा और संवेदना
रायपुर
। रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। रक्तदाता द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाकर उसके परिवार के लिए नई उम्मीद बन सकता है। आज बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों का रक्तदान, देहदान और अंगदान के लिए आगे आना सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर को संबोधित करते समय यह बात कही। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने सभी को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं दीं और रक्तदान, देहदान एवं अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों के सेवा भाव की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनसेवा और जनकल्याण के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सेवा का यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ रहा है। रक्तदान से लेकर जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्रित करने तक अनेक गतिविधियां इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन और रक्तदान महाकुंभ इसी सेवा भावना का सशक्त उदाहरण है। विशेष रूप से इतनी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों का रक्तदान के लिए आगे आना अत्यंत प्रेरणादायी है। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान कर मानव सेवा की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की है। इस ऐतिहासिक पहल का गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
-1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल ने बनाया विश्व रिकॉर्ड
रक्तदान महाकुंभ में सेवा और जनभागीदारी की ऐतिहासिक तस्वीर देखने को मिली। आयोजन के लिए 3600 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान हेतु पंजीयन कराया था और रक्तदान के लिए 200 बेड की व्यवस्था की गई। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस उपलब्धि का प्रमाणपत्र एवं मेडल प्रदान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि पर सभी रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि रक्तदान का महत्व केवल आंकड़ों या रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। रक्त की प्रत्येक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन की नई आशा है। रक्तदान के लिए आगे आने वाला प्रत्येक व्यक्ति मानवता की सेवा में अपना अमूल्य योगदान देता है।
रक्तदान महाकुंभ में महिला एवं पुरुषों की बड़ी भागीदारी रही। आयोजन में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और युवाओं तथा महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी सेवा के संस्कारों को और मजबूत करती है।
-देहदान और अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च उदाहरण : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत देहदान और अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों की विशेष सराहना की। कार्यक्रम में 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया, जिनमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा भी शामिल रहे। प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत अब तक 103 लोगों द्वारा देहदान का संकल्प लिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन के बाद भी किसी के काम आने का संकल्प मानव सेवा की अत्यंत प्रेरणादायी भावना है। देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, वहीं अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने इस पुनीत संकल्प से जुड़ने वाले सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं।
-आयुर्वेद हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा की अमूल्य विरासत
मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। भगवान धन्वंतरि और चरक-सुश्रुत जैसे महान आचार्यों ने हजारों वर्ष पूर्व स्वस्थ जीवन और चिकित्सा की जिस समृद्ध परंपरा को विकसित किया, वह आज भी मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद, योग और भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आयुष मंत्रालय के माध्यम से आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। आरोग्य मंदिर और वेलनेस सेंटर के माध्यम से उपचार के साथ-साथ रोगों की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।
-सेवा संकल्प अभियान में रक्तदान के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए भी पहल
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान और स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्रित करने की विशेष पहल भी की गई। आयोजन स्थल पर बुक कलेक्शन, टॉय कलेक्शन और स्टेशनरी कलेक्शन के लिए अलग-अलग केंद्र बनाए गए थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेवा का अर्थ केवल किसी एक क्षेत्र में सहयोग करना नहीं, बल्कि समाज में जहां आवश्यकता हो, वहां संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़कर सहयोग करना है। बच्चों तक पुस्तकें, खिलौने और अध्ययन सामग्री पहुंचाने की यह पहल उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के साथ उनकी शिक्षा और विकास में भी उपयोगी सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर सेवा संकल्प अभियान की विभिन्न गतिविधियों तथा आयुर्वेद से जुड़े स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने आयोजकों और प्रतिभागियों से चर्चा कर विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली तथा सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।
-प्रदेश में तेजी से मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित रक्तदान महाकुंभ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। उन्होंने कहा कि रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है और इतनी बड़ी संख्या में नागरिकों का स्वेच्छा से आगे आना समाज में सेवा भावना की मजबूती को दर्शाता है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जगदलपुर और बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। नए मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पात्र नागरिकों को निजी चिकित्सालयों में भी उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में चार नए योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं। रायपुर में एनआईटी के सामने 100 बिस्तरीय नया आयुर्वेदिक अस्पताल तैयार किया जा रहा है, जबकि बिलासपुर में भी आयुर्वेदिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण प्रगति पर है।
स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिकों से आयुष मेले, स्वास्थ्य जांच शिविर और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक एवं पद्मश्री अनुज शर्मा, विधायक प्रबोध मिंज सहित विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षगण, प्रशासनिक अधिकारी, अर्धसैनिक बल एवं सेना के अधिकारी और जवान तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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