-नेपाल सहित देशभर से जुटे मानव मिलन के प्रतिनिधि एवं अनुयायी

दुर्ग। मानव मिलन का 32 वां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जैन संत एवं मानव मिलन के संस्थापक राष्ट्र संत मणिभद्र मुनि जी महाराज के पावन सानिध्य में जय आनंद मधुकर रतन भवन, बांधा तालाब, दुर्ग में हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में नेपाल सहित देश के विभिन्न शहरों से मानव मिलन संस्था से जुड़े प्रतिनिधियों एवं गुरुभक्तों ने सहभागिता की।
वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक श्रमण संघ परिवार के बैनर तले आयोजित सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संस्था द्वारा संचालित सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक एवं सेवा गतिविधियों की जानकारी साझा की। सम्मेलन के दौरान मानव मिलन के सेवा एवं सामाजिक सरोकारों को और व्यापक बनाने को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
संत कालिदास जी महाराज को मानव रत्न अलंकरण
आयोजित धर्मसभा में मानव कल्याण, जीव दया एवं सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए महामंडलेश्वर संत कालिदास जी महाराज को इस वर्ष के “मानव रत्न” अलंकरण से सम्मानित किया गया।
संत कालिदास जी महाराज विगत 48 वर्षों से अपनी कठोर तप साधना के लिए प्रसिद्ध हैं। वे प्रतिदिन केवल एक बार नारियल पानी ग्रहण करते हैं। चारों नवरात्रि के अवसर पर उनका नौ दिनों का निर्जल व्रत भी उनकी तपस्या का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सम्मान प्राप्त करने के पश्चात संत कालिदास जी महाराज ने मानव मिलन संस्था द्वारा देशभर में किए जा रहे सामाजिक, शैक्षणिक एवं सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मानव मिलन के माध्यम से समाज सेवा और मानव कल्याण के लिए किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय हैं। उन्होंने नेपाल में आई जल प्रलय के दौरान मानव मिलन संस्था द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की भी भूरि-भूरि अनुमोदना की। उन्होंने कहा कि संत कालिदास जी ट्रस्ट भी इस पुण्य सेवा कार्य में सहयोगी बनेगा और मानव मिलन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सेवा कार्य करेगा।
आज के कार्यक्रम में बतोर अतिथि नगर निगम महापौर श्रीमती अलका बाघमार विशेष रूप से उपस्थित रही।
जयमल जयंती पर जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश
सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित जयमल जयंती समारोह में राष्ट्र संत मणिभद्र मुनि जी महाराज ने संत श्री जयमल जी के जीवन एवं उनके आदर्शों का वर्णन करते हुए कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का वास्तविक उद्देश्य उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। यदि हम प्रत्येक वर्ष अपने जीवन की एक बुराई का त्याग करने का संकल्प लें और उसे अपने आचरण में उतारें, तो हर वर्ष जन्म जयंती महोत्सव मनाना सार्थक होगा।
मणिभद्र मुनि जी को चातुर्मास करने हेतु रायपुर ओर डोडी लोहारा के श्रमण संध परिवार के सदस्यों ने अपनी विनती की जिसे गुरु महाराज ने इस विनती को अपनी झोली में रखा और आने वाले दिनों में चातुर्मास की घोषणा की जाएगी नेपाल में बनने वाले संत निवास में अंजय सुराणा परिवार का सहयोग रहेगा।
भक्ति संध्या में गूंजे भक्ति गीत
सम्मेलन के अवसर पर आयोजित भव्य भक्ति संध्या में मुंबई के ख्यातिनाम भजन गायक मनोरंजन झा एवं भजन गायिका श्रीमती जमुना शर्मा ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं एवं दुर्ग शहरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
सम्मेलन में शामिल अतिथियों के भोजन-प्रसादी की व्यवस्था उत्तम भंडारी परिवार द्वारा की गई। वहीं भक्ति संध्या आयोजन के लाभार्थी परिवार के रूप में धीसुलाल जी पारख परिवार एवं पदम पारख परिवार का सहयोग रहा।
कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय मानव मिलन के महामंत्री अभय कोटेचा एवं श्रमण संघ परिवार से टीकम छाजेड़ ने किया।
आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के संयोजक निर्मल बाफना, प्रवीण श्रीश्रीमाल, धर्मचंद लोढ़ा, निर्मल रतन बोहरा, राकेश संचेती, संजय संचेती, अशोक रतन बोहरा एवं अक्षय सुराणा सहित अनेक कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम में श्रमण संघ महिला मंडल एवं जय आनंद मधुकर पाठशाला के बच्चों ने आकर्षक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया।
दुर्ग में मानव मिलन की शाखा की घोषणा
सम्मेलन के दौरान राष्ट्र संत मणिभद्र मुनि जी महाराज ने दुर्ग में मानव मिलन की शाखा की घोषणा की। उन्होंने सुशील रूणवाल को अध्यक्ष एवं राजेश कोटेचा को महामंत्री घोषित किया। घोषणा के साथ ही उपस्थित समाजजनों ने दोनों पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और मानव मिलन के सेवा कार्यों को दुर्ग में और गति देने का संकल्प व्यक्त किया।
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