होम / दुर्ग-भिलाई / उत्कृष्ट समाज की संरचना में शिक्षक का सर्वाधिक महत्व:प्रियदर्शी
दुर्ग-भिलाई
-3 एम-सृजन ने सम्मानित किया शिक्षकों को, सुरों का जादू भी जगाया मेहमानों ने
भिलाई। इस्पात नगरी भिलाई के 4 दशक पुराने हिंदी-रूसी सांस्कृतिक समूह मेटलर्जिकल म्यूजिक मेकर्स (3एम) भिलाई इस्पात संयंत्र से संबद्ध एवं एनजीओ सृजन फाउंडेशन ने एक आयोजन में अंचल के छह प्रतिष्ठित शिक्षकों को सम्मानित किया। भिलाई स्टील प्लांट के महाप्रबंधक प्रभारी, एलए एवं पीआर अमूल्य प्रियदर्शी एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र सोनबोईर के हाथों इन शिक्षकों को सम्मानित किया गया। आयोजन में मुख्य अतिथि अमूल्य प्रियदर्शी ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान करके हम खुद सम्मानित होते हैं क्योंकि किसी भी उत्कृष्ट समाज की संरचना में शिक्षक का सर्वाधिक महत्व होता है। उन्होंने इस बात पर
ज्ञात हो कि 3 एम समूह की स्थापना वर्ष 4 दशक पहले भिलाई इस्पात संयंत्र के बैनर तले स्व. प्रदीप सिंह के सहयोग एवं तत्कालीन प्रबंध निदेशक स्व. के.आर. संगमेश्वरन के निर्देश पर हुई थी। इसका प्रथम कार्यक्रम प्रख्यात संगीतज्ञ और बीएसपी के माइंस प्रमुख स्व. बिमलेंदु मुखर्जी के सहयोग से राजहरा माइंस में हुआ था। इसके पश्चात टाटा, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर, आरआईएनएल, भेल, सेलम, एमओआईएल लिमिटेड नागपुर, मावलंकर हॉल दिल्ली और ज्ञान मंच कोलकाता जैसे देश के सभी प्रमुख इस्पात संयंत्रों और संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
आयोजन में हरिशंकर वर्मा (निदेशक, भारती समूह), चिरंजीव जैन (सुविख्यात प्रशिक्षक एवं पेरेंटिंग व्याख्याता), दीपक रंजन दास (व्याख्याता एवं वरिष्ठ पत्रकार), सुषमा तिवारी (बीएसपी स्कूल), रजनी आर्य (डीपीएस स्कूल) तथा स्व. राकेश-अलका शर्मा (बीएसपी स्कूल) का सम्मान उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए किया गया।
3एम समूह के अध्यक्ष ज्ञान चतुर्वेदी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर नायडू, अलका शर्मा, दीपक दास, कुंडू भाई, प्रमोद तिवारी, चिरंजीव जैन, रजनी आर्य, सुषमा तिवारी और ज्ञान चतुर्वेदी के साथ-साथ अमूल्य यदर्शी ने अपने सुरीले गायन से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
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