होम / बड़ी ख़बरें / अवैध रूप से भंडारित उर्वरक-कीटनाशकों के चार गोदाम सील, बड़ी मात्रा में कृषि आदान सामग्री जब्त
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दुर्ग। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने पाटन विकासखंड में कृषि आदान सामग्रियों के उचित मूल्य पर विक्रय और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर सघन निरीक्षण अभियान चलाया। 8 अगस्त को वृंदावन नगर, अमलेश्वर थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से भंडारित उर्वरक, कीटनाशक और जैव उत्प्रेरक का बड़ा स्टॉक बरामद हुआ। नियमों के उल्लंघन पर कुल चार गोदामों को सीलबंद किया गया।
निरीक्षण के दौरान शिवालय क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम में विभिन्न प्रकार के कीटनाशक, जैव उत्प्रेरक एवं जैविक उर्वरक का भंडारण पाया गया। कर्मचारियों से लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जांच में अवसान तिथि के बाद की सामग्री तथा बिना बैच नंबर वाले कृषि आदान भी पाए गए।
कीटनाशी अधिनियम 1968, कीटनाशी नियम 1971 एवं उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के उल्लंघन पर 30 से अधिक प्रकार की लगभग 5286 लीटर एवं 4717 किलोग्राम कीटनाशक सामग्री तथा 1380 लीटर एवं 1714 किलोग्राम जैव उर्वरक जब्त कर संबंधित प्रोपराइटर की सुपुर्दगी में दिया गया। गोदाम से लगे भवन को भी दस्तावेज एवं चाबी उपलब्ध नहीं होने के कारण सील किया गया था। 9 अगस्त को प्रोपराइटर प्रमोद कुमार साहू की उपस्थिति में भवन खोलने पर अवसान तिथि के बाद के 450 लीटर एवं 376 किलोग्राम कीटनाशक, 1210 किलोग्राम जैव उत्प्रेरक तथा कीटनाशक-जैव उत्प्रेरक के खाली रैपर मिले। अवैध पैकिंग की आशंका के चलते पैकिंग सामग्री भी जब्त की गई।
इसी तरह एक अन्य परिसर में कॉर्टेक्स एग्रो साइंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से बिना वैध दस्तावेजों के कीटनाशक एवं जैव उत्प्रेरक के भंडारण और विक्रय का मामला सामने आया। यहां दो गोदामों में 20 से अधिक प्रकार की लगभग 2100 लीटर से अधिक कीटनाशक सामग्री तथा 2170 किलोग्राम कीटनाशक एवं जैव उत्प्रेरक जब्त किए गए। दोनों गोदामों को सील कर दिया गया। कार्रवाई कंपनी के संचालक दुर्गा प्रसाद शर्मा की उपस्थिति में की गई। परिसर में खाली कंटेनर, इस्तेमाल किए हुए बोरे और विभिन्न प्रकार के लेबल भी मिले, जिससे कृषि आदान सामग्रियों की अवैध पैकिंग किए जाने की आशंका जताई गई।
उप संचालक कृषि संदीप भोई ने बताया कि चारों गोदामों से कुल 50 से अधिक प्रकार की लगभग 10,124 लीटर एवं 1,884 किलोग्राम कीटनाशक तथा 1,840 लीटर एवं 3,665 किलोग्राम जैव उर्वरक जब्त किए गए हैं। संबंधित प्रोपराइटरों को सामग्री सुपुर्दगी में देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कृषि आदान सामग्रियों की गुणवत्ता जांच के लिए नमूने लेकर अधिसूचित प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
कार्रवाई उप संचालक कृषि संदीप भोई के नेतृत्व में जिला स्तरीय दल ने की। दल में सहायक संचालक कृषि सह जिला निरीक्षक सुमन कुमार कोर्राम, कृषि विकास अधिकारी थानेश्वर मेश्राम, सर्वेयर लुकेश साहू और भृत्य रौनक सिन्हा शामिल रहे। पाटन विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सहित अन्य कृषि अधिकारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद-बीज एवं कीटनाशकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसानों में किल्लत पैदा करने, कालाबाजारी करने अथवा बिना वैध दस्तावेजों के अमानक कृषि आदान सामग्री बेचने वालों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं कीटनाशी अधिनियम 1968 के तहत कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने विक्रेताओं और समितियों को निर्धारित दर पर ही कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अधिक मूल्य वसूली या वितरण में अनियमितता मिलने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।
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